कांकेर, 29 दिसंबर । छत्तीसगढ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा तहसील में धर्मांतरण को लेकर चला आ रहा विवाद एक बार फिर रविवार काे हिंसक रूप ले लिया। ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा से शुरू हुआ मामला शांत होता नजर आ रहा था, लेकिन रविवार को सुबह ग्राम पंचायत उसेली के आश्रित ग्राम पुसागांव में हुई तोड़फोड़ की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। फिलहाल स्थिति काे देखते हुए साेमवार काे भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह पुसागांव में ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें धर्मांतरित परिवारों से घर वापसी को लेकर चर्चा की गई। ग्रामीणों की अपील को धर्मांतरित परिवारों द्वारा ठुकराए जाने के बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में रह रहे धर्मांतरित परिवारों के कुल 12 घरों और एक प्रार्थना गृह में जमकर तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने हस्तक्षेप कर उपद्रवियों को खदेड़ा और हालात को काबू में लिया। फिलहाल आज साेमवार काे पुसागांव में शांति बनी हुई है, यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सर्व समुदाय अध्यक्ष मनऊ गोटा ने कहा कि हमने सभी से संयम बरतने की अपील की है, हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। जो भी परिस्थिति बनेगी, उस पर शासन-प्रशासन से चर्चा कर शांतिपूर्ण रास्ता निकाला जाएगा।
कांकेर एसपी निखिल कुमार राखेचा ने बताया कि 200 की संख्या में पुलिस जवान गांव में तैनात किया गया है। रविवार काे दो तीन घरों के खपरैल बाउंड्रीवाल में लगे खपरैल को तोड़ने का प्रयास किया गया। वहीं आज साेमवार काे गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है।