एनएचएआई और केंद्र सरकार से मांगा जवाब, राष्ट्रव्यापी गाइडलाइन बनाने के निर्देश
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बने अवैध ढाबों और खाने-पीने की जगहों को सड़क हादसों का संभावित कारण बताया है। अदालत ने कहा कि ऐसे अवैध निर्माण गंभीर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पूछा है कि अब तक इन अवैध ढाबों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही कोर्ट ने पूरे देश के लिए सख्त दिशा-निर्देश और वैधानिक नियम बनाने की आवश्यकता जताई है।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह केवल किसी एक राज्य का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश की सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। राजस्थान के फलोदी में हुए हादसे का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस नियम जरूरी हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट की नजर इस बात पर है कि हाईवे किनारे अवैध अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी किस प्राधिकरण की है और इसे प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाएगा।