नायक ने यह बातें सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही। नायक ने झारखंड की जनता राज्य सरकार से यह पूछ रही है कि जब संवैधानिक संस्थाएं निष्क्रिय कर दी गई हैं तो जनता न्याय की उम्मीद किससे करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही आयोगों का गठन नहीं किया गया तो आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगा।