उन्होंने कहा कि इन स्वयं सहायता समूहों को विधानसभा का इतिहास सहित अन्य जानकारियां सहित आतिथ्य सत्कार का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि पर्यटकों को हिमाचल के बारे में जानकारी दे सकें।
उपायुक्त ने कहा कि तपोवन न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल है, बल्कि चिन्मयानंद स्वामी के तपोस्थल के निकट होने के कारण यह स्थान आध्यात्मिक महत्व भी रखता है। उन्होंने कहा कि परिसर में स्थित विधान भवन एक आधुनिक स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है और यहां से धौलाधार एवं मैक्लोडगंज के अद्भुत दृश्य भी देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक निर्धारित शुल्क पर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे, विधान भवन और दर्शक दीर्घा का अवलोकन कर सकेंगे। इससे प्राप्त धनराशि परिसर के रखरखाव में उपयोग की जाएगी।