इस बात की जानकारी क्षेत्र की महिलाओं को मिली, तो उन्होंने एकजुट होकर इन संदिग्ध पार्लरों पर छापेमारी की थी। महिलाओं की इस मुहिम में गोलमुरी थाना पुलिस ने भी साथ दिया था और सभी संदिग्ध दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया था। उस समय लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन कुछ सप्ताह के बाद यह अवैध कारोबार फिर से शुरू हो गया।
स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि पार्लर संचालक काफी दबंग प्रवृत्ति के हैं। उन्होंने विरोध करने वाली महिलाओं को धमकाना शुरू कर दिया है और दोबारा से इन पार्लरों को खोलकर गतिविधियां शुरू कर दी हैं। इससे नाराज होकर क्षेत्र की महिलाएं मंगलवार को फिर गोलमुरी थाना पहुंचीं और स्थायी कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि ऐसे सभी संदिग्ध पार्लरों की जांच कर उन्हें स्थायी रूप से बंद कराया जाए और संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल नैतिकता का नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और समाज की मर्यादा से भी जुड़ा है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस से ऐसे अवैध धंधों पर लगातार निगरानी रखने और समय-समय पर छापेमारी अभियान चलाने की मांग की। ताकि ऐसी गतिविधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।
थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायतों की जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।