खेल प्रतियोगिताओं में पारम्परिक गढ़वाल के खेल पिडु गर्म, मुर्गा झपट मेंढक दौड़ , टाफी दौड को भी बच्चों को बताया गया। गढ़वाली भाषा में प्रार्थना की गई। इस अवसर पर विद्यालय के व्यवस्थापक अजय प्रकाश बडोला ने बताया है कि छोटे बच्चों को गढ़वाली भाषा का ज्ञान भी दिया जा रहा है और हमारे पौराणिक संस्कृति के बारे में बताया जा रहा है । वहीं
विद्यालय की प्रधानाचार्या विनीता बडोनी ने बताया कि बच्चों को समय-समय पर खेल-खेल में पढ़ाई के साथ-साथ समय-समय पर उन्हें हिंदी अंग्रेजी गढ़वाली भाषा का ज्ञान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पहली बार गढ़वाली खेल प्रतियोगिता में हमारे पौराणिक खेलों की भी बच्चों को जानकारी दी जो बच्चों को काफी पसंद आया ।
आज बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ खेल प्रतियोगिता में भी भाग लिया जिसमें आयुष ,शिवांश परिधि, शिवांगी अनोर अर्थ तेजस, आरती ने प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त किया। सॉफ्टवेयर पर बिछिया पंवार संतोषी रावत अंजू सरिता सुष्मिता प्रियंका मुस्कान श सुभाष बडोनी आदि ने भाग लिया।