वहीं परिजनों ने जब लक्ष्मण की मौत का कारण जानना चाहा, तो मुंशी नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि काम के दौरान वह सीढ़ी से गिर पड़ा। इससे उसकी मौत हुई है। संदेह होने पर सुबह दोबारा भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ परिजन घटनास्थल पहुंचकर सख्ती से मुंशी और वहां कार्यरत युवक चंदन यादव से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान चंदन ने बताया कि लक्ष्मण ने बीते एक वर्ष के बकाया मानदेय की मांग कर रहा था। इसपर मुंशी नरेंद्र कुमार सिंह ने उसकी पिटाई कर दी। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके बाद उग्र ग्रामीण थाना पहुंच गये।
मौके पर ग्रामीण और परिजनों ने कहा कि मृतक के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार का वह एकमात्र कमाऊ सदस्य था। इसलिए बिल्डर उसके परिवार को उचित मुआवजा दे।
इसके बाद लोगों ने थाने का घेराव किया। लेकिन पुलिस पदाधिकारियों और जेएलकेएम के जिलाध्यक्ष देवानंद महतो सहित अन्य ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर थाने से बाहर किया।
ग्रामीण थाने से निकलकर शव के साथ सीधे निर्माणाधीन स्थल पहुंच गये, जहां मुआवजा की मांग को लेकर ग्रामीण और परिजन आर्मी गेट के समीप ओल्ड एनएच-33 पर शव के साथ ग्रामीण धरना पर बैठ गऐ और सड़क जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।