उत्तर क्षेत्रीय परिषद् की 32वीं बैठक: बुनियादी सेवाओं का सुदृढ़ीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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शर्मा सोमवार को फरीदाबाद में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद् की 32वीं बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली देने के संकल्प के तहत 22 जिलों में दिन में बिजली दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन की स्थापित क्षमता में देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में पीएम कुसुम योजना कंपोनेंट-ए एवं कंपोनेंट-सी में 2 हजार 215 मेगावाट क्षमता के विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, आरडीएसएस के तहत 33 केवी के 151 सब स्टेशनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है तथा 11 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि समेकित प्रयासों से एटी एण्ड सी लॉस 2023-24 के 21.81 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 15.27 प्रतिशत रह गए है।

शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में पुलिस मोबाइल यूनिटों की संख्या बढ़ाने से औसत प्रतिक्रिया समय 21 मिनट से घटकर अब लगभग 13 मिनट पर आ गया है। इसी प्रकार पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों के निस्तारण में लगने वाला औसत समय घटकर 58 दिन व बलात्कार प्रकरणों के निस्तारण का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है। शर्मा ने पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए 15 अतिरिक्त नए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय स्वीकृत करने का केन्द्र सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अमृत योजना के तहत 1 लाख से अधिक आबादी के 28 शहरों के मास्टर प्लान जीआईएस पर तैयार किए जा चुके हैं। साथ ही, 50 हजार से 1 लाख की आबादी वाले 62 शहरों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य बीमा के तहत 88 प्रतिशत आबादी का कवरेज हो चुका है जो देश में सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को सप्ताह में 5 दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म दूध पिलाया जा रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत देय राशि में वृद्धि, मा वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को हर माह निःशुल्क सोनोग्राफी, लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 5 लाख 50 हजार बालिकाओं को लाभान्वित करने जैसी योजनाओं से महिलाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राजस्थान में सहकारिता में अभूतपूर्व काम हुआ है। राज्य ने भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता प्राप्त करने में देश में प्रथम स्थान अर्जित किया है। साथ ही, विश्व की वृह्द अन्न भंडारण योजना के प्रथम चरण में 500 मीट्रिक टन क्षमता के 70 गोदामों का निर्माण कार्य पूर्ण कर राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। 5 हजार 732 पैक्स को गो-लाइव, नवीन कॉपरेटिव कोड प्रस्तावित, 2 हजार 657 नई बहुउद्देशीय पैक्स तथा 1 हजार 958 बहुउद्देशीय डेयरी सहकारी समितियों का गठन एवं 4 हजार 141 पैक्स को पीएम किसान समृद्धि केंद्र में परिवर्तित किया गया है। उन्होंने कहा कि गिव अप अभियान के तहत लगभग 45 लाख सक्षम लोगों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपना लाभ छोड़ा है। साथ ही, लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं करवाए जाने पर 27 लाख व्यक्तियों के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सूची से हटाये गए हैं। इन प्रयासों से पात्र वंचितों का चयन कर लगभग 70 लाख जरूरतमंद लाभार्थियों को योजना का लाभ देना प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार ने परिवेश 2.0 पोर्टल के माध्यम से पहले दो वर्षों में 122 स्टेज-1 क्लियरेंस दिए थे, वहीं वर्ष 2025 में 137 स्टेज-1 क्लियरेंस प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सीमेंट उत्पादक इकाइयों ने गत लगभग डेढ़ वर्षाें में दिल्ली से लाये गए 41 हजार मीट्रिक टन आरडीएफ का उपयोग ईंधन के रूप में किया है।

उन्होंने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पूर्णकालिक सदस्यों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करने से राजस्थान को लाभ मिला है। उन्होंने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि पौंग बांध को 1 हजार 400 फीट तक भरने के लिए सतलुज और ब्यास के डाउनस्ट्रीम जलप्रवाह का डिजिटल एलिवेशन मॉडल तैयार करने की आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मकौरा पट्टन के नीचे बनने वाले बैराज से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त जल को 1981 के समझौते के तहत राजस्थान के साथ साझा किया जाए। शर्मा ने पंजाब द्वारा भाखड़ा मेन लाइन पर लघु जलविद्युत परियोजनओं से उत्पन्न होने वाली बिजली को राजस्थान के साथ साझा करने तथा हथिनीकुंड बैराज से लाए जाने वाले पानी के कार्य को रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ राष्ट्रीय परियोजनाओं का अंग मानकर वित्तीय सहायता प्रदान करने के संबंध में भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित उपस्थित रहे।