अररिया समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में आईसीडीएस ज़िला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी की अध्यक्षता में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाएँ शामिल हुईं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना था। अधिकारियों को पोश एक्ट के प्रावधानों, शिकायत दर्ज होने की प्रक्रिया तथा महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बताया गया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जो यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जांच करती है। शिकायत दर्ज करने की समय-सीमा 3 महीने निर्धारित है तथा जांच की पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाता है।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को शी बॉक्स पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने एवं रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि पीड़ित महिलाओं को सरल और सुरक्षित माध्यम उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, आईसीडीएस के अधिकारी एवं अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे।