मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में की माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा

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इसके पूर्व, उन्होंने माँ गंगा व श्री बड़े हनुमान जी का दर्शन-पूजन तथा माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने रामबाग हनुमान मन्दिर में श्री विजय प्रद हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन कर इसके अध्यक्ष के रूप में मण्डलायुक्त प्रयागराज को नामित किया था। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के नेतृत्व में महाकुम्भ के साथ-साथ यहां अन्य सभी आयोजन सम्पन्न होते हैं। माघ मेला की तैयारियां प्रारम्भ हो चुकी हैं। वर्ष 2024 की तुलना में इस मेले के दायरे को बढ़ाकर 800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इस हेतु 07 सेक्टर बनाए गए हैं। यहां की टीम को महाकुम्भ 2025 को सकुशल कराने का अनुभव है। महाकुम्भ ने देश व दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी थी। भारत की सनातन परम्परा के प्रति लोगों के मन में नया उत्साह भरा था। हम लोग इस बार के माघ मेले में भी उसी प्रकार की व्यवस्था देने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस बार माघ मेला लगभग 15 दिन पूर्व आयोजित हो रहा है। 03 जनवरी को पौष पूर्णिमा है। माघ मेले के 06 प्रमुख स्नानों में 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, 01 फरवरी को माघी पूर्णिमा तथा 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान सम्पन्न होंगे। पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक कल्पवासियों की बड़ी संख्या रहेगी। ऐसा देखा गया है कि मेले में इस एक माह के दौरान लगभग 20 से 25 लाख कल्पवासी प्रवास करते हैं। प्रवास के दौरान माँ गंगा के सान्निध्य में यहां कल्पवासियों की साधना व कठिन तपस्या चलती है।

सीएम योगी ने कहा कि अन्य मुख्य स्नान पर्वां की तिथियों पर देश व प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन स्नान करने के लिए आते हैं। ऐसा अनुमान है कि लगभग पूरे डेढ़ महीने के दौरान प्रयागराज में 12 से 15 करोड़ लोग संगम में स्नान करेंगे, इनमें कल्पवासी भी सम्मिलित हैं।

योगी ने कहा कि यहां पर पीडब्ल्यूडी द्वारा कनेक्टिंग मार्गों के साथ-साथ 07 पान्टून ब्रिज तथा 160 किलोमीटर के दायरे में चेकर्ड प्लेट बिछाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई न हो। उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा 242 किलोमीटर की पेयजल पाइप बिछाने का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। यहां 85 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने की कार्यवाही होगी, जिससे सीवर की एक भी बूंद का गंगा जी अथवा यमुना जी में रिसाव न होने पाए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन नियमित विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ इलेक्ट्रिक सेफ्टी की व्यवस्था करेगा। पावर कॉरपोरेशन द्वारा मेला क्षेत्र में 47 किमी एसटी तथा 360 किमी की एलटी लाइन बिछाई जानी है, जिसका कार्य प्रारम्भ हो चुका है। यहां श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए 20-20 बेड्स के 02 चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं। 12 पी0एच0सी0 प्राथमिक स्वास्थ्य के हेल्प सेंटर के रूप में यहां पर लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। 01 वेक्टर कन्ट्रोल यूनिट, 05 आयुर्वेदिक, 05 होम्योपैथिक चिकित्सालय तथा 50 एम्बुलेन्स की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के दौरान 25,000 शौचालय, 8,000 डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 20 सक्शन गाड़ियां तथा 3,000 सफाई कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। अलग-अलग रूटों से आने वाले श्रद्धालुओं लिए 42 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मेले को सकुशल सम्पन्न करने के लिए यहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। मेला पुलिस अधीक्षक की तैनाती हो चुकी है। मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 पुलिस चौकी, 20 फायर टेण्डर, 07 अग्निशमन चौकी, 20 अग्निशमन के वॉच टावर, 01 जल पुलिस थाना, 01 जल पुलिस कन्ट्रोल रूम तथा 04 जल पुलिस सब कन्ट्रोल रूम स्थापित किये जाएंगे। मेला क्षेत्र में लगभग 3,800 बसें चलायी जाएंगी, इनमें 3,000 बसें परिवहन निगम की होंगी।