सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मयूर स्कूल के छात्र से जुड़े विवाद पर कहा कि मामले की जांच पुलिस करेगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूलों को बच्चों से जुड़े किसी भी घटना या अनुचित व्यवहार की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।
एसआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन परीक्षण होना आवश्यक है, ताकि सूची में कोई गलत नाम न रहे। एक मतदाता के कई नाम होने जैसी गड़बड़ियां या मृत व्यक्तियों के नाम हटाना ज़रूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों जता रही है? दिलावर ने आरोप लगाते हुए कहा कि शायद कांग्रेस ने बांग्लादेशी, पाकिस्तानी या असामाजिक तत्वों के नाम मतदाता सूची में जुड़वा रखे हैं, जिन्हें हटने का डर उन्हें सताता है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर में लगे कर्मचारियों को तनावमुक्त होकर काम करना चाहिए। यह सिर्फ गहन पुनरीक्षण है, कोई पहाड़ टूटने जैसा काम नहीं। अधिकारियों से भी उन्होंने आग्रह किया कि इस प्रक्रिया में कर्मचारियों से मित्रवत व्यवहार रखें और किसी तरह का भय न पैदा करें।
धर्मांतरण के मुद्दे पर दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार ने मजबूत कानून बनाते हुए बिल पारित किया है, जिस पर राज्यपाल की मोहर भी लग चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उन लोगों के साथ खड़ी रहती थी जो धर्मांतरण कराते थे। लव जिहाद और सामाजिक विभाजन की घटनाओं को बढ़ावा देने वालों का कांग्रेस समर्थन करती रही है।
दिलावर ने कहा कि यदि कांग्रेस को इस बिल का विरोध करना था, तो इसके लिए विधानसभा का मंच था। वहां तथ्य रखे जा सकते थे। लेकिन, अब बाहर आकर विरोध करना जनता को भटकाने जैसा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता सब समझती है और सच को जानती है।