वर्तमान में उक्त अतिक्रमित वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा खेती की जा रही थी, जिसके संबंध में शिकायतें वन विभाग को निरंतर प्राप्त हो रहीं थीं। उक्त अतिक्रमण को संज्ञान में लेते हुए अतिक्रमण निरोधी मुहिम के तहत विधिवत वैधानिक कार्यवाही कर, अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध बेदखली आदेश जारी किए गए। उक्त अतिक्रमण को मुक्त कराने की कार्यवाही सुधांशु यादव वनमण्डलाधिकारी शिवपुरी के निर्देशन में तथा आदित्य शांडिल्य उप वनमण्डलाधिकारी करैरा के नेतृत्व में की गई।
उक्त कार्यवाही के दौरान लक्ष्मण सिंह मीणा, गोपाल सिंह जाटव, ऋषभ बिसारिया उपस्थित रहे एवं वन मण्डल स्तर का लगभग 100 से अधिक क्षेत्रीय वन अमले, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल बल की सहायता से 12 जे.सी.बी. मशीनों एवं 03 ट्रैक्टर मय कल्टीवेटरों द्वारा उक्त वन भूमि पर खड़ी फसल को नष्ट कर, अतिक्रमित वन भूमि को मुक्त कराया एवं मौके पर कंटूर ट्रेंच खुदवाई गईं।
भविष्य में उक्त स्थल को वृक्षारोपण कर, वन आच्छादित किया जाएगा।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि, यदि उन्हे वन भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरन्त वन विभाग को सूचित करें।