कांग्रेस ने ध्वजारोहण कर 140वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

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जगदलपुर, 28 दिसंबर । बस्तर जिला मुख्यालय के राजीव भवन में रविवार काे बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेतागण, पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने वरिष्ठ कांग्रेस नेतागण, पदाधिकारी व कार्यकर्तागण की उपस्थिति में महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पार्टी का ध्वजारोहण किया, जिसके बाद राष्ट्रगान व ध्वज को सलामी दी गई। साथ ही वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पुराने इतिहास, उपलब्धियों पर मंथन किया और देश निर्माण में पार्टी का अहम योगदान पर प्रकाश डाला।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने ध्वजारोहण पश्चात भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में हुई थी। भारत की आजादी हासिल करने के लिए 1942 के ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के ज़रिए, कांग्रेस ने ब्रिटिश सत्ता की जड़ों पर हमला किया। 1929 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक तौर पर पूरी आजादी की मांग की। आखिरकार 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हो गया। आजादी के बाद भी कांग्रेस ने लंबे समय तक देश को लीड किया और एक मॉडर्न इंडिया की नींव पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की लीडरशिप में रखी गई।

वरिष्ठ कांग्रेसी उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, भारत की आत्मा की आवाज़ है, जो हर कमजोर, हर वंचित और हर मेहनतकश के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही है। हम उन महान बलिदानियों को नमन करते हैं, जिन्होंने भारत को आज़ादी दिलाई, संविधान की नींव रखी और लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को मजबूत किया । आज केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण करने का जो कार्य किया जा रहा है इस विरोध करते है। कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल योजना का नाम बदलना नहीं, बल्कि कानून के तहत मिलने वाले श्रम अधिकारों और रोजगार की गारंटी को खत्म करने का प्रयास है !

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि कांग्रेस का यह स्थापना दिवस पार्टी के गौरवशाली इतिहास और लोकतंत्र में उनके योगदान को याद करने का अवसर है। महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता के लिए उन्होंने अपने जीवन की आहुति दी कांग्रेस हमेशा भारतवासियों के कल्याण, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए काम करती रही है। हमारा संकल्प है कि नफ़रत, अन्याय और तानाशाही के ख़िलाफ़ सत्य, साहस और संविधान की रक्षा की लड़ाई कांग्रेस पार्टी और अधिक मज़बूती से लड़ेंगे।

पूर्व महापौर जतिन जायसवाल ने कहा कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने आजादी के बाद देश को नई दिशा दी और विकास का रास्ता दिखाया। नतीजतन आज भारत का नाम विश्व के अग्रिम देशों में शुमार है। पार्टी ने अपनी स्थापना के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा । देश को आजादी दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी के अनेको वीरों ने कुर्बानियां दीं। पार्टी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, डा. मनमोहन सिंह सरीखे प्रधानमंत्री दिए, जिन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाकर 21वीं सदी में पहुंचाया। कांग्रेस स्थापना दिवस संगठन की मजबूती, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है।

इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नरेंद्र तिवारी, अनवर खान, हरिशंकर,महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, सेवादल कौशल नागवंशी, प्रभारी महामंत्री अभिषेक नायडू, सुभाष गुलाटी, जाहिद हुसैन, अल्ताफ उल्ला खान, विजय सिंह, सुरेन्द्र झा, वेंकट राव, अतिरिक्त शुक्ला, वीरेंद्र परिहार, रविशंकर तिवारी, मनोज साहनी, संजय पाणिग्रही, अनूप तिवारी, व्यापारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेंद्र पटवा, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष जीशान कुरैशी, प्रदेश सचिव सूरज कश्यप, युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष निकेत राज झा, एनएसयूआई विशाल खंबारी, रमेश साहू, योगेश पाणिग्रही, नियाज़ खान, एस नीला, विक्की राव, विनोद भदोरिया, कमलेश तिवारी, कमलेश पाठक, सलीम जाफर अली, अभय सिंह, हेमंत कश्यप, मुन्नू तिवारी, सुनीता दास, सोमरू, वैभव, हेमंत पांडे आदि मौजूद रहे।