गुरु की चेताई आत्मा कभी नर्क में नहीं जाती : स्वामी प्रमोद महाराज

Spread the love

खूंटी, 16 जनवरी । जिला संतमत के वार्षिक सत्संग का समापन शुक्रवार को मुरहू चौक में गाजे बाजे के साथ हुआ।

सत्संग में प्रवचन में भागलपुर आश्रम के स्वामी प्रमोद जी महाराज ने कहा कि संसार में सभी सुख चाहते हैं, परन्तु जल बिच मीन पियासी की तरह मनुष्य सच्चाई से भटकता रहता है और जहां -तहां सुख खोजता है।

उन्‍होंने कहा कि संसार में क्षणिक सुख है, सच्चा सुख परमात्मा की भक्ति गुरु की बताई युक्ति से करने से मिलता है। उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध ने गृह त्याग कर दिया था, पर परमात्म प्राप्ति के बाद अपने घर आये, जहां यशोधरा ने उनसे कहा कि क्या परमात्मा की भक्ति घर से नहीं हो सकती थी। कहा कि जोक को थन से लगा दो, तो वह खून ही चूसेगा, जबकि बछड़े दूध पीते हैं। यही अंधकार है हम अनमोल जीवन व्यर्थ के दुर्व्यसन में गंवा देते हैं। ईश्वर एक हैं निरंकारी हैं, उन्‍हें रूप या अनेक नामों से भी पूजते हैं। जैसे कुंए का पानी एक है और हम अपनी इच्छानुसार पात्र में भरते हैं।

संत का ज्ञान गंगा है, इसमें गोता लगाते रहें

प्रमोद जी महाराज ने कहा कि संत का ज्ञान गंगा है, इसमें गोता लगाते रहना चाहिए। सोना में जंग नहीं लगता, लोहा घून नहीं खाता, वैसे ही गुरु की चेताई आत्मा कभी नर्क में नहीं जाती है। वहीं स्वामी डाॅ निर्मलानंद जी महाराज ने कहा कि ईश्वर की चर्चा करते रहने से सुख मिलता है, परमात्मा सबका एक ही है, हम अज्ञानता वश धर्म की लड़ाई लड़ते हैं। संतों ने बाहरी भक्ति पूजा और आंतरिक भक्ति ध्यान साधना बताई है।

स्वामी जयकुमार जी महाराज ने कहा कि जैसे मेंहदी में लाली है, उसी तरह परमात्मा भी कण-कण में व्याप्त हैं। स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि जैसे दूध रखने के लिए स्वच्छ वर्तन चाहिए, वैसे भक्ति के लिए स्वच्छ मन, खान पान, व्यवहार जरुरी है।

इस अवसर पर स्वामी नरेंद्र जी महाराज, स्वामी बालकृष्ण, स्वामी सत्यानंद, स्वामी अखिलेश बाबा, स्वामी राजेन्द्र बाबा, स्वामी लाहिरी बाबा, दिगंबर बाबा, सोमनाथ ब्रह्मचारी सहित अन्य ने भी भक्ति पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक सह मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि हमें संतों की वाणी पर अमल करना चाहिए। संतगण भगवंत और शास्त्रों की बातें हमें बताते हैं, जिससे जीवन का, समाज का और देश का कल्याण होता है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि दिलीप मिश्रा, काशीनाथ महंतो ने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में भंडारा का आयोजन हुआ।

मौके पर डॉ डीएन तिवारी, संजय सत्संगी, मूचीराय मुंडा, रामहरि साव, गंगाराम समद,सगुन दास,दुखेंद्र ठाकुर,मंगल सिंह मुंडा, सुरेश पंडित, सूरजमल प्रसाद, सुबोध कुमार, कांडे मुंडा, हरिद्वार ठाकुर सहित अन्‍य उपस्थित थे।