दंतेवाड़ा, 23 जनवरी । जिले के गीदम स्थित वेयरहाउस में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद शासन स्तर पर तत्काल जांच के आदेश दिए गए। रायपुर से एक विशेष जांच टीम गीदम वेयर हाउस भेजी गई । विशेष जांच टीम ने वेयर हाउस में मौजूद सभी बैचों के सैंपल लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में चांवल शासन द्वारा निर्धारित उपार्जन और गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह असफल पाया गया। इसके बाद कॉरपोरेशन ने सख्त कदम उठाते हुए कुल 65,857 बोरा चावल मिलर्स को वापस करने का शुक्रवार काे आदेश जारी किया है। जांच में असफल पाए गए लगभग 33 हजार क्विंटल चावल की अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। आदेश के अनुसार मिलर्स को पूरा खराब स्टॉक वापस लेना होगा और उसके बदले नया, उच्च गुणवत्ता वाला चांवल उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है । इतने बड़े पैमाने पर रिप्लेसमेंट के आदेश से मिलर्स पर आर्थिक दबाव पढ़ना तय माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वेयरहाउस में संग्रहित करीब 33 हजार क्विंटल चांवल गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने से पूरे स्टॉक को गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह असफल घोषित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले चरण में वेयरहाउस से जुड़े क्वालिटी इंस्पेक्टर, गोदाम प्रभारी और संबंधित शाखा प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। यह स्पष्ट किया गया है कि गुणवत्ता जांच में हुई लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे में आने पर अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है।
छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक द्वारा दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर को पत्र लिखकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि खराब चावल की वापसी और उसके स्थान पर नए, गुणवत्तापूर्ण चावल की आपूर्ति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण प्रभावित न हो। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है, कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।