नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भक्ति में डूबा गांव

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खूंटी, 03 फ़रवरी । तोरपा प्रखंड के बास्की गांव में नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर पूरे गांव में भारी उत्साह और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।

गांव के बड़े-बुजुर्ग हों, महिलाएं हों या बच्चे हर कोई किसी न किसी तैयारी में जुटा हुआ है। कोई झंडा-पताका लगाने में लगा है तो कोई पूजा सामग्री की व्यवस्था में व्यस्त है। ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरे गांव का एक ही उद्देश्य प्राण प्रतिष्ठा को भव्य और सफल बनाना।

मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान देने वाले राजेंद्र सिंह बताते हैं कि बास्की गांव के लगभग पांच सौ वर्ष पुराने इतिहास में यह पहला अवसर है जब गांव में किसी मंदिर का निर्माण हुआ है, जबकि गांव की अधिकांश आबादी हिंदू धर्मावलंबियों की है, इसके बावजूद अब तक यहां कोई मंदिर नहीं था। ऐसे में शिव मंदिर का निर्माण ग्रामीणों के लिए आस्था और गौरव का विषय बन गया है।

प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे गांव में अनुशासन और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से महोत्सव की अवधि में मांसाहार और शराब के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

तीन दिवसीय इस महोत्सव की शुरुआत गुरुवार को भव्य कलश यात्रा से होगी। गांव से तोरपा छाता नदी स्थित छठ घाट तक विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 751 महिलाएं सिर पर कलश रखकर पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगी।

छह फरवरी को विधि-विधान से शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। बनारस के विद्वान पुरोहितों के सान्निध्य में मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव और उनके परिवार की स्थापना की जाएगी। वहीं सात फरवरी को हवन, पूजा-अर्चना और आरती के साथ इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा।

उल्‍लेखनीय है कि अयोध्या धाम में जिस दिन रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 22 जनवरी 2024 को शिव मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया गया था। उसी दिन महाकाल की नगरी उज्जैन से नर्मदेश्वर शिवलिंग को बास्की गांव लाया गया था।