नैनीताल, 08 फ़रवरी । कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस रावत को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘आउटस्टैंडिंग वाइस चांसलर ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान रविवार को नई दिल्ली में आयोजित 15 वें इंडिया एजुकेशन समिट एवं अवॉर्ड्स 2026 के दौरान इंडिया एजुकेशन नेटवर्क की ओर से उन्हें प्रदान किया गया। बताया गया है कि ‘इंडिया एजुकेशन नेटवर्क’ शिक्षा नेतृत्व, अकादमिक नवाचार और संस्थागत विकास को प्रोत्साहित करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। यहां चयन विशेषज्ञ जूरी की ओर से शैक्षणिक प्रभाव, नेतृत्व क्षमता और संस्थागत उपलब्धियों के आधार पर किया जाता है।
सम्मान समारोह में प्रो. रावत को कुमाऊँ विश्वविद्यालय में नवाचारी प्रशासनिक सुधार, अकादमिक सुदृढ़ीकरण, शोधोन्मुख वातावरण के निर्माण और सुशासन के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय में डिजिटल प्रशासन, पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया और छात्र-केंद्रित नीतियों को प्रभावी रूप से लागू किया गया, जिससे विश्वविद्यालय की पहचान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त हुई है।
इस अवसर पर प्रो. रावत ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यावहारिक कौशल, नवाचार और उद्योग-अनुकूल दक्षताओं से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल, उद्यमिता और समस्या-समाधान की क्षमता से सशक्त करना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने के लिए उद्योग और समाज से जुड़ी कौशल-आधारित एवं अनुभव-आधारित शिक्षा प्रणाली अपनाने पर भी जोर दिया। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने प्रो. रावत को शुभकामनाएं दीं।