(लीड) गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का शुभारंभ, सायरंग–सिलचर रेल सेवा शुरू

Spread the love

नई दिल्ली, 09 फरवरी । पूर्वोत्तर भारत के समग्र विकास को नई गति देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को यहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक यात्री आतिथ्य सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सायरंग–सिलचर नई यात्री रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई।

रेलभवन में आयोजित कार्यक्रम में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, सिलचर से लोकसभा सदस्य परिमल सुक्लाबैद्य, राज्यसभा सदस्य कनाड पुरकायस्थ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सायरंग–सिलचर यात्री रेल सेवा मिजोरम की राजधानी को असम की बराक घाटी से सीधे जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय एकीकरण को बल मिलेगा तथा छात्रों, दैनिक यात्रियों और उपचार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर शुरू की गई यात्री आतिथ्य सुविधाओं में विश्राम कक्ष, वातानुकूलित प्रतीक्षालय तथा बहु-व्यंजन भोजनालय शामिल हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे स्टेशन पर यात्रा अनुभव अधिक सहज और आरामदायक बनेगा।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले दस वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए रेल क्षेत्र में वित्तीय प्रावधानों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। केंद्रीय बजट 2026–27 में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रिकॉर्ड 11,486 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि लगभग 72,468 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें देश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित और समावेशी विकास आवश्यक है। रेल संपर्क न केवल यात्री आवागमन को सुलभ बनाता है, बल्कि व्यापार, वस्तुओं के परिवहन और स्थानीय उत्पादों को नए बाज़ार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि बैराबी–सायरंग रेल मार्ग मिजोरम की राजधानी को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण परियोजना रही है, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। अब इस मार्ग पर नई रेल सेवाएं आरंभ कर असम तथा अन्य पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने रेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि असम और मिजोरम को जोड़ने वाली रेल परियोजनाएं राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

उल्लेखनीय है कि बीते एक दशक में पूर्वोत्तर भारत का रेल मानचित्र तेजी से परिवर्तित हुआ है। लंबे समय से लंबित परियोजनाएं अब साकार हो रही हैं और राज्य की राजधानियां राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ रही हैं। बैराबी–सायरंग 51 किलोमीटर लंबे विस्तृत पटरी रेल मार्ग के प्रारंभ होने तथा अब सिलचर तक यात्री सेवा के विस्तार से पूरे क्षेत्र में आवागमन और विकास को नई दिशा मिलेगी।

————