सूरजपुर, 09 फ़रवरी । जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में आज सोमवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी को विकासखंड सूरजपुर एवं रामानुजनगर से सूचना प्राप्त हुई कि 16 वर्षीय दो बालिकाओं, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत है, की सगाई कर शीघ्र विवाह किए जाने की तैयारी की जा रही है। सूचना प्राप्त होते ही दोनों मामलों का संबंधित विद्यालयों से सत्यापन कराया गया, जिसमें दोनों नाबालिगों की आयु 16 वर्ष पाई गई। तत्पश्चात मौके पर दो अलग-अलग टीमों को भेजकर सगाई के समय ही परिजनों को सलाह दी गई।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनकी जिम्मेदारी है कि अपने क्षेत्र में बाल विवाह न होने दें तथा इसके दुष्परिणामों के बारे में जनसमुदाय को जागरूक करें।
मौके पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा बालिकाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। परिजनों ने ‘पहले पढ़ाई, फिर विदाई’ की बात स्वीकार करते हुए बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने एवं निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने की सहमति दी। इस संबंध में पंचनामा एवं कथन लेकर विवाह को स्थगित कराया गया।
इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रामानुजनगर परियोजना अधिकारी, सूरजपुर पर्यवेक्षक, चाइल्डलाइन प्रतिनिधि एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।