बीकानेर, 09 फरवरी । अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जैसलमेर क्षेत्र में पूर्व में स्थापित पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा पिछले कई वर्षों से बीकानेर में आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को बीकानेर में एक बार फिर पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों विवाह संपन्न होंगे। सावे को लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सामाजिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
सामूहिक सावे के तहत जिन परिवारों में मंगलवार को विवाह निर्धारित हैं, वहां सोमवार को गणेश परिक्रमा (छींकी) की रस्म आयोजित की गई। इस अवसर पर विवाह से संबंधित पारंपरिक तैयारियां पूरी की गईं। मंगलवार को विवाह संस्कार के अंतर्गत वर-वधु विवाह बंधन में बंधेंगे। सावे के कारण बीकानेर शहर में पुष्करणा समाज से जुड़े प्रवासी परिवारों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जो देश के विभिन्न शहरों में निवासरत हैं।
सावे के अवसर पर शहर में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, जल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर समाज की सावा व्यवस्था समिति एवं स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय किया गया है। आयोजन को लेकर शहर के अंदरूनी क्षेत्रों, विशेष रूप से परकोटा क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ी हैं।
पुष्करणा समाज के अनुसार, पूर्व में यह सामूहिक सावा चार वर्षों के अंतराल पर ‘ओलंपिक सावा’ के रूप में आयोजित किया जाता था। बाद में समाज के निर्णय के अनुसार अब यह आयोजन प्रति दो वर्ष में किया जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि सामूहिक सावा सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का माध्यम रहा है।
सामूहिक सावे को लेकर बीकानेर के अंदरूनी शहर, विशेषकर परकोटा क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों और घरों में सजावट की गई है। जिन घरों में विवाह समारोह आयोजित हो रहे हैं, वहां रोशनी, सजावटी सामग्री और विद्युत उपकरणों का उपयोग किया गया है। कई स्थानों पर विवाह मंडप और चंवरी की व्यवस्था की गई है। पुष्करणा समाज की परंपरा के अनुसार सावा शिव-पार्वती के नाम से निकाला जाता है। इस वर्ष सावे का नाम ‘चंद्रशेखर-उमा’ रखा गया है।
बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास सोमवार को मोहता चौक स्थित पुष्करणा सामूहिक सावा व्यवस्था समिति कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौजूद अधिकारियों और समिति पदाधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावे के दौरान परकोटा क्षेत्र में यातायात, सुरक्षा, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।
इस अवसर पर अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार व्यास, श्रीनारायण आचार्य, औंकारनाथ हर्ष, किशन चौधरी, भरत पुरोहित सहित समाज के अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। समिति की ओर से सावे से जुड़ी व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी साझा की गई।
प्रसिद्ध भागवताचार्य पं. महेंद्र व्यास ने कहा कि पुष्करणा समाज में सामूहिक सावा परंपरागत रूप से आयोजित होता रहा है और इसमें समय के अनुसार आवश्यक परिवर्तन भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन मितव्ययिता और सामूहिक सहभागिता के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि समाज में आज भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जहां विवाह के अवसर पर न तो सामूहिक भोज लिया जाता है और न ही दिया जाता है।
पुष्करणा समाज के वरिष्ठ सदस्य हेमंत किराडू ने कहा कि समाज के रीति-रिवाज और परंपराएं लंबे समय से चली आ रही हैं। उन्होंने बताया कि सामूहिक सावे के अवसर पर समाज के वे सदस्य भी बीकानेर पहुंचते हैं, जो वर्तमान में रायपुर, कोलकाता, मुंबई सहित अन्य शहरों में निवासरत हैं। उनका कहना था कि सामूहिक आयोजन से समाज के आपसी संबंध मजबूत होते हैं और नई पीढ़ी को परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है।