आईआईटी रुड़की ने डिजिटलाइज्ड ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम (एच 2-ब्रिज) पर कार्यशाला का किया आयोजन

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हरिद्वार, 14 फरवरी । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने शनिवार को इंडो-डेनिश द्विपक्षीय अनुसंधान पहल के अंतर्गत डिजिटलाइज्ड ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम (एच 2-ब्रिज) पर हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में नीति-निर्माताओं, राजनयिकों, उद्योग जगत के नेताओं और शैक्षणिक विशेषज्ञों ने ग्रीन हाइड्रोजन एकीकरण तथा डिजिटल ऊर्जा प्रणालियों पर विचार-विमर्श किया।

यह पहल भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप अनुसंधान और बड़े पैमाने पर तैनाती के बीच सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस एबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसेन, आईआईटी रुड़की के उपनिदेशक यू.पी. सिंह सहित शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सहयोगी संस्थानों में मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, आईटी यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन, डेनमार्क तकनीकी विश्वविद्यालय तथा इनोवेशन सेंटर डेनमार्क शामिल रहे।

तीन पैनल चर्चाओं में हरित हाइड्रोजन एकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र डिजाइन, डिजिटल ऊर्जा ग्रिड और बाजार ढांचे पर गहन विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने स्केलेबल और सुदृढ़ हरित हाइड्रोजन समाधान विकसित करने पर एकमत व्यक्त किया।

कार्यशाला का समापन अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने और नवाचार-प्रेरित हरित ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।