इंदौर, 17 फरवरी । मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर राजनीतिक शुचिता, महिला सशक्तिकरण और सेवा की त्रिमूर्ति थी। उन्होंने समाज को आगे ले जाने के लिए कई कल्याणकारी सेवा कार्य किए। गुजरात के जुनागढ़ से आए 60 परिवार को यहाँ बसाया और उन्हें रोजगार के साथ बेहतर जीवन प्रदान किया। यही वजह है कि 300 वर्ष बाद भी आज हम लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को उनके उत्कृष्ट और सेवा कार्यों के लिए याद करते हैं।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 में भारत विकसित बनकर रहेगा और इसमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। दीक्षांत समारोह में पद्मश्री नारायण व्यास, सांसद शंकर लालवानी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुलपति डॉ. राकेश सिंघई, कुलसचिव प्रज्वल खरे विशेष रूप से उपस्थित थे। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित समारोह में राज्यपाल पटेल ने शोधार्थियों को स्वर्ण और रजत के पदक प्रदान किये।
राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में पदक प्राप्त शोधार्थी- विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे देवी अहिल्याबाई के जीवन से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़े और अपने परिवार के साथ समाज और देश को भी गौरवान्वित करें। उन्होंने आगे कहा कि उपाधि केवल कागज का एक टुकड़ा या प्रमाण-पत्र नहीं है। यह उपाधि एक प्रकार से समाज और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी भी है कि हम सेवा भावना से कार्य करते हुए समाज को आगे ले जाए।
विद्यार्थी कठिनाइयों में भी झूठ नहीं बोलें
राज्यपाल ने कहा कि आज उपाधियां प्राप्त करने वालों में लड़कों के मुकाबले बेटियों की संख्या अधिक रही। यह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा जनजातीय समाज में फैल रही सिकल सेल एनीमिया बीमारी को नियंत्रण करने के लिए की जा रही पहल सराहनीय है। विपरीत परिस्थितियों में भी झूठ नहीं बोलें और सच्चाई के रास्ते पर चलें। त्रेता युग में मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के जीवन में भी अनेक कठिनाइयां आई थी, इसके बावजूद उन्होंने अपनी मर्यादा नहीं छोड़ी। भगवान श्री राम को माता-पिता ने जो आदेश दिया उसका उन्होंने अक्षरश: पालन किया। रामायण के हर पात्र से हम शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। विश्वविद्यालय इंदौर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। यहाँ से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च संस्थानों में प्लेसमेंट मिल रहा है।
पद्मश्री नारायण व्यास ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाए और उसे पूरा करने में अपनी सारी शक्ति झौंक दें। इतनी उत्कृष्ट पढ़ाई करें कि रोजगार उनके पास स्वयं चलकर आए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिये, हमेशा विनम्र बने रहे। माता-पिता और आचार्य का कहना माने, अपनी जड़ों से जुड़े रहे। स्वार्थ हित के बजाय देश का हित सोचें।
कुलपति डॉ. राकेश सिंघई ने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर उच्च शिक्षा के उन्मुखीकरण और गुणवत्तापूर्ण मूल्य संवर्धन के लिए लगातार अच्छे कार्य कर रही है। साथ ही खेल और कला के क्षेत्र में भी निरन्तर आगे बढ़ रही है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत कई नये पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ बेहतर रोजगार भी मिल रहा है। डॉ. सिंघई ने आगे कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर को नैक द्वारा A+ ग्रेड प्राप्त है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय समय पर परीक्षा आयोजित करने के साथ-साथ समय पर परीक्षा परिणाम भी घोषित कर रहा है। डिजिटलाईजेशन का कार्य जारी है। अब एक क्लिक पर विद्यार्थियों को शिक्षा संबंधी सभी जानकारी मिल सकेंगी। कुलपति डॉ. सिंघई ने सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें प्रतिज्ञा दिलाई की वे अपने कर्तव्य का पालन कर देश की सेवा करेंगे और अपने माता-पिता और गुरूजनों की आज्ञा का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, आलीराजपुर आदि जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया जागरूकता के लिए सतत कार्य कर रहा है। वनवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है।
सांसद शंकर लालवानी ने सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की भी भूमिका होगी। कार्यक्रम में पूर्व कुलपति, कुल सचिव, प्राचार्य, प्रोफेसर्स एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं उनके परिजन तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
इंदौर की स्वच्छता पर पीएचडी करने वाले पत्रकार शोधार्थी की सराहना
दीक्षांत समारोह के दौरान इंदौर की स्वच्छता पर शोध करने वाले पत्रकार जितेन्द्र जाखेटिया की राज्यपाल द्वारा सराहना की गई। इंदौर में स्वच्छता की आदत और व्यवहार में स्वच्छता वास्तव में शोध का कारण बना। जाखेटिया ने इंदौर शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता में मीडिया की भूमिका पर शोध किया है। जाखेटिया ने जनसंचार अध्ययनशाला इंदौर की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनाली नरगुंदे के निर्देशन में शोध किया है।