सुपौल, 17 फ़रवरी । जिले के वीरपुर में मंगलवार को कोसी-मेची लिंक परियोजना को लेकर उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) अवधेश कुमार दोपहर करीब 12:30 बजे हवाई मार्ग से वीरपुर पहुंचे। उनका स्वागत जिलाधिकारी सावन कुमार और कोसी विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने किया।
इसके बाद अधिकारियों का काफिला कोसी बराज पहुंचा, जहां कंट्रोल रूम सहित बराज का विस्तृत निरीक्षण किया गया। प्रधान सचिव ने अभियंताओं से स्वचालित गेटों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान नेपाल के सीडीओ के साथ बैठक कर तटबंध के पास अतिक्रमण हटाने और नेपाल में चल रहे कार्यों में सहयोग को लेकर चर्चा हुई।
निरीक्षण के क्रम में प्रधान सचिव ने कोसी नदी की पूर्वी मुख्य नहर के 0 किलोमीटर से बलुआ तक कोसी-मेची लिंक परियोजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। बेंगा धार क्षेत्र में भी प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने पूर्वी मुख्य नहर पर स्थित कटैया पावर हाउस का निरीक्षण करते हुए बताया कि यहां लगी चार टरबाइन से 19.5 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है और इसके विस्तार के लिए ऊर्जा विभाग से बातचीत की जाएगी।
इसके बाद वे कोसी विभाग के आईबी पहुंचे और फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का निरीक्षण कर पटना लौट गए। मीडिया से बातचीत में संतोष मल्ल ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में 0 से 41 किलोमीटर तक गाद निकालने का काम चल रहा है, जिससे मुख्य नहर की क्षमता बढ़ेगी। निकाली गई मिट्टी के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था भी देखी गई।
6282 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत वाली कोसी-मेची इंट्रा लिंक परियोजना को ऐतिहासिक बताया जा रहा है। इस परियोजना से 2.15 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और कई नदियों को जोड़ने का लक्ष्य है, जिसे वर्ष 2029 तक पूरा करने की योजना है। अधिकारियों का दावा है कि इससे कोसी क्षेत्र में बाढ़ की चिंता कम होगी और कृषि आधारित खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग अनिल कुमार, कार्यपालक अभियंता हेडवर्क्स बब्बन पांडेय, कार्यपालक अभियंता सिंचाई राजेश कुमार, एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।