शिमला, 18 फ़रवरी । नशा तस्करी के मामलों में बार-बार पकड़े जा चुके एक आरोपी को पुलिस ने प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तार कर तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और समाज को नशे के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की है।
पुलिस के अनुसार अजीत राम पुत्र मिश्री लाल, निवासी फागली रोड महाशिव कॉलोनी शिमला लंबे समय से अवैध नशा गतिविधियों में शामिल पाया जा रहा था। उसके खिलाफ वर्ष 2016 से 2024 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत आठ अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उसे कई बार स्मैक, चरस और हेरोइन/चिट्टा की अलग-अलग मात्रा के साथ पकड़ा गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2016 में उसके पास से स्मैक बरामद हुई थी, 2017 में चरस और स्मैक मिली थी, जबकि 2019 में दो मामलों में चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद 2020, 2021, 2023 और 2024 में भी वह चिट्टा के साथ पकड़ा गया। लगातार मामलों में संलिप्तता सामने आने के कारण पुलिस ने पिआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उसे निवारक नजरबंदी में लिया और अदालत में पेश करने के बाद तीन महीने के लिए जेल भेज दिया गया।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करना और बार-बार अपराध में शामिल हो रहे लोगों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से रोकना है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और युवाओं की सुरक्षा तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।