ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग ऑफिसर ने खोला मोर्चा

Spread the love

चंडीगढ़, 19 फ़रवरी । हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में लागू की गई ऑनलाइन तबादला पॉलिसी का विरोध शुरू हो गया है। नर्सिंग वैलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश भर की नर्सिंग ऑफिसर गुरुवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंची और इस पॉलिसी को रद्द करने की मांग पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया।

एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता बांगड़, प्रवीन छिक्कारा, सुशीला, कविता गुलिया, सुदेश हुड्डा, सुमन, पूनम सराय, पूनम,कमलेश, सुमन पुनिया,प्रतिभा,नवीन कुमार,दिनेश यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बताया कि नर्सिंग कैडर में 95 प्रतिशत महिलाएं ही हैं। यह नीति नर्सिंग विभाग के कर्मचारियों पर लागू की जाती है, तो इससे कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी कठिनाई होगी। नर्सिंग कैडर में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी महिला कर्मचारी हैं। उन्हें अपने परिवार के सदस्यों की देखभाल करनी होती है। अनेक महिला कर्मचारियों के परिवार वहीं बसे हुए हैं, जहां उनकी वर्तमान में तैनाती है। स्थानांतरण की स्थिति में कर्मचारी को अपने परिवार को छोडकऱ दूसरे स्टेशन पर अपना कर्तव्य निभाना होगा। जो नर्सिंग कर्मचारी किसी स्टेशन पर लंबे समय से तैनात होते हैं, वे उस स्टेशन के इलाके से अच्छी तरह परिचित होते हैं। जिससे उन्हें नए स्थानांतरित कर्मचारी की तुलना में अपने कर्तव्यों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलती है।

नर्सिंग कार्डर का काम चौबीसों घंटे सातों दिन का होता है। उन्हें काम के घंटों के बाद भी किसी भी आपातकालीन कॉल के लिए तैयार रहना पड़ता है, जो एक महिला कर्मचारी के लिए निभाना बहुत मुश्किल होगा। अगर उनका तबादला उनके परिवार से दूर किसी स्टेशन पर हो जाता है तो उन्हें अकेले रहना पड़ेगा। मांग पत्र में यह भी कहा गया कि नर्सिंग विभाग के कर्मचारियों के तबादलों से उनके बच्चों के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा। इसलिए निवेदन है कि नर्सिंग कैडर की स्थानांतरण नीति के कार्यान्वयन से छूट दी जाए।