नई दिल्ली, 25 फरवरी । दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में एक महीने तक सभी प्रकार के प्रदर्शनों पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने इस मामले को जनहित याचिका सुनने वाली पीठ को रेफर कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करती है।
दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी के छात्र उदय भदौरिया ने दायर याचिका में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर के 17 फरवरी के उस नाेटिस को चुनौती दी है, जिसमें सार्वजनिक सभाओं, जुलूस प्रदर्शन या पांच व्यक्तियों के जुटने पर दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में रोक लगा दी गई है। ये नाेटिस यूजीसी के इक्विटी गाइडलाइंस के आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के समूहों के बीच झड़पों की खबरें आने के बाद जारी की गई थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय की इस नाेटिस के बाद किरोड़ीमल कॉलेज और दयाल सिंह कॉलेज ने अपने परिसर में सख्त रुख अपनाते हुए आदेश का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के अलावा निलंबन और निष्कासन की चेतावनी दी है। दोनों कॉलेजों ने अपने छात्रों और स्टाफ को इस संबंध में कोई भी कंटेंट सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं करने को कहा है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय का ये नाेटिस संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 का उल्लंघन करता है। ये नाेटिस अकादमिक विमर्श को खत्म कर सकता है।