सड़क हादसा पीड़ितों को 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज, ‘पीएम राहत योजना’ लागू

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सागर, 02 मार्च । सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित और नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ‘पीएम राहत योजना’ अब प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। मध्य प्रदेश के सागर जिले के कलेक्टर संदीप जीआर ने जिले के स्वास्थ्य, पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिले की सीमा में होने वाले किसी भी सड़क हादसे के पीड़ित को बिना अग्रिम भुगतान के कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया जाए।

योजना के प्रमुख प्रावधान

₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज: चिन्हित सरकारी और निजी अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार मिलेगा।

7 दिन तक गोल्डन आवर सपोर्ट: दुर्घटना की तारीख से अगले सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती और उपचार पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।

तत्काल उपचार की व्यवस्था: अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश हैं कि मरीज के पहुंचते ही इलाज शुरू किया जाए। कागजी प्रक्रिया के कारण उपचार में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

कलेक्टर ने सीएमएचओ सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि जनसेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

यदि कोई सूचीबद्ध निजी अस्पताल मरीज को भर्ती करने या इलाज देने से मना करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निकटतम संबद्ध अस्पताल को सूचित करेगी, ताकि कैशलेस सुविधा तुरंत सक्रिय हो सके।

अस्पतालों को केवल प्राथमिक पहचान और दुर्घटना संबंधी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी, जिसके बाद क्लेम प्रक्रिया स्वतः प्रारंभ हो जाएगी।

कलेक्टर संदीप जीआर ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। योजना का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर कर अधिकतम जीवन बचाना है।

आम नागरिकों के लिए जानकारी

पात्रता: देश में कहीं भी सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ कोई भी नागरिक योजना के तहत लाभ ले सकता है।

प्रक्रिया: घायल को चिन्हित अस्पताल ले जाने पर बुनियादी पहचान उपलब्ध करानी होगी, शेष प्रक्रिया अस्पताल प्रबंधन द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।

प्रशासन का मानना है कि इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी लाने में मदद मिलेगी।