एम्स बिलासपुर के रेडियोलोजी विभाग ने चमकाया संस्थान का नाम, पीजीआई चंडीगढ़ में आयोजित कॉन्फ्रेंस में जीता प्रथम पुरस्कार

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धर्मशाला, 04 मार्च ।अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। संस्थान में डॉ. राजेश कन्ना ने पीजीआई चंडीगढ़ में 28 फरवरी एवं 1 मार्च 2026 को आयोजित प्रतिष्ठित मस्क्युलोस्केलेटल (एमएसके) कॉन्फ्रेंस में ओरल पेपर प्रस्तुति में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है।

डॉ. राजेश कन्ना ने “एमआरआई में आरएएमपी लेसीन का मूल्यांकन” विषय पर शोध प्रस्तुत किया, जो एम्स बिलासपुर के रेडियोलॉजी विभाग में डॉ. लोकेश राणा के मार्गदर्शन में किया गया। यह अध्ययन घुटने की आरएएमपी लेसीन की पहचान में एमआरआई की भूमिका को रेखांकित करता है और मस्क्युलोस्केलेटल इमेजिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है।

यह उपलब्धि एम्स बिलासपुर के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण है। पिछले एक वर्ष में रेडियोलॉजी विभाग ने यूस्कोन राजस्थान, पीजीआई हेड एंड नेक कॉन्फ्रेंस चंडीगढ़ तथा आईआरआइए हैदराबाद जैसे राष्ट्रीय सम्मेलनों में लगातार पुरस्कार प्राप्त कर अपनी अकादमिक उत्कृष्टता और शोध प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।

यह उपलब्धि रेडियोलॉजी विभाग एवं उसके संकाय सदस्यों डॉ. नरविस एस. चौहान, डॉ. लोकेश राणा, डॉ. वरुण बंसल एवं डॉ. रेशम ठाकुर के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने डॉ. राजेश कन्ना एवं रेडियोलॉजी विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी तथा भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया।