जनजाति विकास निधि परियोजना का उद्घाटन

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हरिद्वार, 12 मार्च । रसूलपुर मीठी बेरी स्थित जनजाति विकास निधि परियोजना कार्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनजाति विकास निधि परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

परियोजना के अंतर्गत जनजातीय समुदाय के लगभग 200 परिवारों को आजीविका संवर्धन के लिए गाय पालन, बकरी पालन और सब्जी उत्पादन जैसे कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद महाराज रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सिडकुल (औद्योगिक क्षेत्र) स्थापित किए जाने के लिए वे सरकार के समक्ष निरंतर प्रयासरत हैं, ताकि यहां उद्योग स्थापित हों और स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें।

इस अवसर पर अखिलेश डबराल ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

विशिष्ट अतिथि प्रमुख आशा नेगी ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर इस परियोजना का उद्घाटन क्षेत्र की महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने कहा कि महिलाओं और जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाना ही सुरक्षित और मजबूत समाज की नींव है।

रीप से हेमा नेगी ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से महिलाओं को आजीविका, प्रशिक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर प्राप्त होंगे। जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने कहा कि जनजाति विकास निधि परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, आत्मनिर्भरता और विकास के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

कनिष्ठ प्रमुख धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि यह परियोजना जनजातीय समाज की महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी। सीडब्ल्यूसी सदस्य सुनीता चौधरी ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से ही इस परियोजना का वास्तविक उद्देश्य सफल होगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी के प्रतिनिधि विनीता मेहता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं में नई ऊर्जा का संचार करते हैं, जिससे वे अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से कर पाती हैं। ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी (रसूलपुर मीठी बेरी) ने कहा कि उनका ग्राम इस योजना के माध्यम से महिलाओं और जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

संस्था अध्यक्ष लखबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को विकास की मुख्यधारा में लाने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान अनीता देवी (रसूलपुर बड़ा), उषा देवी (रसूलपुर बड़ा), सुशीला देवी (रसूलपुर छोटा), गीता देवी (रसूलपुर छोटा), रजनी देवी (डांडिया वाला), राजमती (डांडिया वाला) और सीधी (रसूलपुर छोटा) सहित 20 से अधिक महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के एडमिन मैनेजर नितिन बडोनी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर संस्था सचिव दलमीर सिंह, परियोजना प्रबंधक विपिन कुमार, अंग्रेज सिंह, पवन कुमार, राहुल कुमार, रेखा रानी, सीमा, उजमा, सुनीता, ज्योति, सौरभ सहित 200 से अधिक लोग उपस्थित रहे।