महर्षि दयानंद सरस्वती वीथिका का उद्घाटन – मूल्य आधारित शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

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कुलगुरु ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए निदेशक शोध पीठ एवं चेयर प्रोफेसर यूजीसी चेयर प्रो ऋतू माथुर का आभार व्यक्त किया कि उनके प्रयासों से यह वीथिका साकार हो सकी है। यह वीथिका विश्वविद्यालय के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगी तथा मूल्य आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में स्थापित महर्षि दयानंद सरस्वती शोध पीठ के अंतर्गत इस वीथिका की स्थापना की गई है। उद्घाटन के लिए आज का दिन विशेष रूप से इसलिए चयनित किया गया, क्योंकि इसी दिन महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना की गई थी। वीथिका में महर्षि दयानंद सरस्वती के जन्म से लेकर उनके जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है, जिससे विद्यार्थी एवं शोधार्थी उनके जीवन मूल्यों, चिंतन और समाज सुधार के कार्यों से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर प्रो ऋतू माथुर ने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने जीवन में अंधविश्वासों के विरुद्ध आवाज उठाई और सत्य, तर्क तथा वैदिक मूल्यों को स्थापित करने का कार्य किया। उनके जीवन के ऐसे अनेक प्रसंग इस वीथिका में समाहित किए गए हैं, जो विद्यार्थियों को चिंतन एवं आत्ममंथन के लिए प्रेरित करेंगे।