खूंटी, 23 मार्च । जिले के कर्रा प्रखंड के दर्जनों गांवों के मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों ने सोमवार को अबुआ ग्राम सभा कर्रा के बैनर तले वीबी-जी राम-जी योजना के विरोध में जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। जुलूस की शुरुआत कर्रा मिशन मोड़ स्थित आम बगीचा से हुई, जो प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचकर धरना में बदल गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला ने कहा कि मनरेगा कानून 2006 ने पिछले करीब दो दशकों में ग्रामीण मजदूरों और किसानों को रोजगार व विकास के कई अवसर दिए हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा की जगह विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (वीबी-जी राम-जी) के लाने से ग्रामीणों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नई योजना के तहत केवल केंद्र की ओर से स्वीकृत योजनाएं ही लागू होंगी और बरसात के मौसम में 60 दिनों तक काम बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे गरीब मजदूरों और किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम सभा की सहमति से चलने वाली योजनाओं को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वीबी-जी राम-जी योजना बंद करो, मनरेगा कानून वापस लाओ के नारे लगाए।
कार्यक्रम के अंत में मनरेगा के तहत काम देने, जिरामजी कानून को रद्द करने, 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर 150 दिन करने और मजदूरी दर 500 रुपये से अधिक करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रखंड प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
धरना-प्रदर्शन में फादर टॉम, फादू तोपनो, दयाल कोनगाड़ी, बिरसा संगा, अजित होरो, बुधनाथ प्रधान, सुनील होरो, रीता तिडू, जुलयानी हेमरोम सहित विभिन्न गांवों के मनरेगा मजदूर और ग्रामीण उपस्थित थे।