नई दिल्ली, 24 मार्च । दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपहरण, मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति के आरोप में ट्रायल कोर्ट की ओर से दोषी ठहराई जा चुकी गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को बरी कर दिया है। जस्टिस चंद्रशेखर सुधा ने इस मामले में सह आरोपित संदीप बेदवाल को भी बरी करने का आदेश दिया।
द्वारका कोर्ट ने 22 जुलाई, 2020 को सोनू पंजाबन को 24 साल कैद की सजा सुनाई थी। द्वारका कोर्ट ने दोनों को एक नाबालिग लड़की के अपहरण, रेप और वेश्यावृत्ति के मामले में दोषी करार दिया था। मामला सितंबर, 2009 का है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता संदीप के प्रेम के जाल में पड़ गई। संदीप पीड़िता को लक्ष्मी नगर के एक मकान में ले गया और उसके साथ रेप किया। संदीप ने लड़की को सीमा आंटी नामक महिला से बेच दिया। उस समय पीड़िता महज 12 वर्ष की थी। सीमा आंटी ने पीड़िता को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया।
पुलिस के मुताबिक सीमा आंटी पीड़िता को नशे का इंजेक्शन देती थी। सीमा आंटी पीड़िता को कई बार बेच चुकी थी। सीमा ने पीड़िता को एक बार सोनू पंजाबन के हाथों बेच दिया। सोनू पंजाबन उससे जिस्मफरोशी करवाती थी। ग्राहकों के पास भेजने के पहले सोनू पंजाबन पीड़िता को प्रॉक्सीवन और अलप्रेक्स समेत दूसरी नशे की दवाइयां देती थी।
पीड़िता ने इसकी शिकायत 9 फरवरी, 2014 को नजफगढ़ थाने की पुलिस से की थी। पुलिस ने उसका काउंसलिंग करने के बाद बयान दर्ज किया था। तब उसने अपनी आपबीती सुनाई थी। पीड़िता ने बताया कि उसे हरियाणा और पंजाब भी भेजा गया था। सोनू पंजाबन पर दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के कई हिस्सों में जिस्मफरोशी के मामले दर्ज हैं।