जयपुर, 31 मार्च । यूनेस्को विश्व हैरिटेज सिटी जयपुर के संवर्धन, संरक्षण एवं सौन्दर्यकरण को लेकर मुख्य सचिव वी. निवास ने मंगलवार को परकोटे क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संकरी गलियों में पैदल भ्रमण कर विरासत स्थलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने नाटाणियों की हवेली, खजाने वालों का रास्ता, जैमिनी बिल्डिंग, दिगम्बर जैन मंदिर, राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट, हैरिटेज वॉक-वे तथा मणिहारों का रास्ता सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया। नाटाणियों की हवेली में संचालित कोतवाली थाने का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वर्षों पुराने अभिलेखों को देखा तथा जर्जर भवन के संरक्षण के लिए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
खजाने वालों के रास्ते पर स्थित हवेलियों एवं जैमिनी बिल्डिंग का निरीक्षण कर मुख्य सचिव ने उनकी ऐतिहासिक महत्ता की जानकारी ली और संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। इसके बाद उन्होंने दिगम्बर जैन मंदिर, राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट एवं हैरिटेज वॉक-वे का भी निरीक्षण किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि जयपुर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है और इसकी पहचान बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परकोटे के संरक्षण एवं यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज सिटी का दर्जा बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासों पर जोर दिया।
निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने नगर निगम मुख्यालय स्थित ई.सी. मीटिंग हॉल में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में हैरिटेज सेल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अब तक किए गए कार्यों एवं चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने जोन उपायुक्तों से कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।
बैठक में मुख्य सचिव ने अनाधिकृत केबल हटाने, हैरिटेज क्षेत्र में खराब पड़ी लाइटों एवं फसाड लाइटिंग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पेशल एरिया हैरिटेज प्लान शीघ्र तैयार करने तथा हैरिटेज सेल को अधिक सक्रिय, उत्तरदायी एवं परिणाममुखी बनाकर कार्य करने पर जोर दिया।
इस दौरान शासन सचिव रवि जैन, संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार, नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, उपायुक्त (स्वास्थ्य) मृणाल कुमार, अतिरिक्त आयुक्त नरेन्द्र कुमार बंसल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।