जयपुर, 30 अप्रैल । अधिवक्ता परिषद राजस्थान, जयपुर प्रांत की आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) इकाई जयपुर बैंच के द्वारा “भारतीय नागरिकों के कर्तव्य बोध” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने वाले पंच परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी डॉ. हेमंत सेठिया ने उपस्थित अधिवक्ताओं को पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन, व्यसन मुक्ति, स्वदेशी अपनाने एवं सदाचार जैसे पंच परिवर्तन के पांच सूत्रीय महत्व पर गहन जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि एक जागरूक नागरिक के कर्तव्यों का निर्वहन ही सशक्त समाज और राष्ट्र की नींव है। डॉ. सेठिया ने प्रदूषण मुक्त वातावरण और पारिवारिक मूल्यों को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया तथा सभी को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य गोवर्धन बाड़दार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विधि व्यवसाय को समाज सेवा का माध्यम बताते हुए कर्तव्यबोध को हर नागरिक का अनिवार्य धर्म बताया। वहीं, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर.एस. राठौड़ ने अपने संक्षिप्त किंतु सारगर्भित उद्बोधन में “राष्ट्र प्रथम” की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर ही राष्ट्र का नवनिर्माण संभव है। आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के प्रशासनिक सदस्य संजीव मित्तल ने सेवानिवृत्त सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के साथ-साथ जन-जन में राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति सजगता को आवश्यक बताया।
प्रांत महामंत्री अभिषेक सिंह ने बताया कि इस तरह के नैतिक व जागरूकता कार्यक्रमों का विस्तार करते हुए शीघ्र ही प्रदेश के अन्य सभी न्यायालय परिसरों में भी आयोजन करने की योजना है, ताकि अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों को सामाजिक दायित्वों से जोड़ा जा सके।
इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष प्यारेलाल, उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल सहित अधिवक्ता परिषद के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं गणमान्य अधिवक्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महिपाल सिंह शेखावत ने किया। इकाई संयोजक ओ.पी. श्योराण ने सभी वक्ताओं एवं गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।