वज्रपात से सुरक्षा को लेकर तैनात किये गये नौ विभाग के लोकप्रहरी

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नालंदा, बिहारशरीफ 03 जून । नालंदा जिले में त जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में”वज्रपात से सुरक्षा” विषय पर तैयार कार्ययोजना के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। जिसमें वज्रपात से सुरक्षा को लेकर नौ विभाग के लोकप्रहरी नियुक्त किये गये है।

समीक्षा का मुख्य उद्देश्य वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से होने वाली जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को न्यूनतम करना तथा आमजन के बीच सुरक्षा संबंधी व्यवहार एवं सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जागरूकता एवं जन-सुरक्षा गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा उनके प्रभावी कार्यान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा का संचालन एवं मार्गदर्शन संदीप वर्मा, परियोजना पदाधिकारी बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में वज्रपात एक गंभीर प्राकृतिक आपदा के रूप में उभर रही है, जिससे प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु एवं क्षति होती है। ऐसी परिस्थितियों में समयबद्ध एवं व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर पर वज्रपात से सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाए। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, जीविका समूहों, किसान समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक सुरक्षा संदेश पहुंचाया जाए।

वज्रपात से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों की पहचान, सामुदायिक जागरूकता रैलियों, प्रचार-प्रसार सामग्री के वितरण, सोशल मीडिया एवं स्थानीय संचार माध्यमों के उपयोग, तथा आपदा मित्रों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।

मानसून अवधि के दौरान वज्रपात की संभावित घटनाओं को देखते हुए सभी स्तरों पर सतर्कता बनाए रखें तथा आम नागरिकों तक समय पर चेतावनी संदेश पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

वज्रपात से होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं को समय रहते सावधानी रोका जा सकता है। इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय प्रशासन की तत्परता तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार गतिविधियों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।