जयपुर, 03 जून । राज्य कर्मचारियों के आत्म सम्मान एवं हितों की रक्षा करने के लिए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश पदाधिकारियों की ओर से 8 जून से शुरू होने वाली कर्मचारी जागृति यात्रा का आज जयपुर में श्री गणेश हुआ। जागृति यात्रा महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में गणेश मंदिर, मोती डूंगरी पहुंची और उनका आशीर्वाद लिया।
कर्मचारी जागृति यात्रा के प्रस्थान पर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और 25 सूत्री लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में कर्मचारियों को जागृत करने के उद्देश्य से यह यात्रा प्रारंभ की जा रही है। राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया है। चिंताजनक बात यह है कि राज्य सरकार अब वर्षों से चली आ रही राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में सुधार करने के बजाय उसके निजीकरण की तैयारी में है। जिससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। उन्होंने आगे बताया कि संवादहीनता के चलते कर्मचारियों की 25 सूत्री न्यायोचित मांगे भी लंबित हैं।
राठौड़ के अनुसार कर्मचारी जागृति यात्रा का कार्यक्रम 8 जून को दौसा, अलवर और भरतपुर। 9 जून को धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर।
10 जून को टोंक, बूंदी और कोटा। 11 जून को बारां और झालावाड़। 12 जून को भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़। 13 जून को बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर। 14 जून को राजसमंद, ब्यावर और अजमेर। 17 जून को पाली सिरोही और जालौर। 18 जून को बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी। 19 जून को जोधपुर और नागौर। 23 जून को सीकर, झुंझुनू और चुरु। 24 जून को हनुमानगढ़ और गंगानगर। 25 जून को बीकानेर और डीडवाना।
राठौड़ ने आगे बताया की महासंघ (एकीकृत) की प्रमुख मांगों में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के निजीकरण का विरोध। समर्पित अवकाश के नगद भुगतान सहित कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना। चयनित वेतनमान 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष पर देना। मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 तथा आइसोलेटेड संवर्गों (वाहन चालक, तकनीकी कर्मचारी एवं अन्य संवर्गों) को पदोन्नति में आर्थिक लाभ प्रदान करना। संविदा कर्मियों एवं ठेका कर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कराना। वेतन विसंगतियों का निराकरण कराना। महासंघ (एकीकृत) की लंबित 25 सूत्री मांगों का उच्च स्तरीय वार्ता के जरिए निराकरण । एवं बजट घोषणा की अनुरूप लंबित पदोन्नतियों हेके लिए आवश्यक अनुभव में 2 वर्ष की बिना शर्त अतिरिक्त छूट प्रदान करना आदि शामिल है।