पूर्वी सिंहभूम, 29 जून ।
जिले के पोटका प्रखंड में तेजी से फैल रहे मलेरिया संक्रमण के बीच स्थानीय विधायक संजीव सरदार सोमवार को प्रभावित गांवों में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई आपात बैठक के बाद उन्होंने सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे बचाव एवं उपचार अभियान की समीक्षा की।
विधायक सबसे पहले सानग्राम गांव पहुंचे, जहां ब्रेन मलेरिया से एक छात्रा की मौत हुई थी। उन्होंने गांव में चल रहे स्वास्थ्य जांच अभियान, घर-घर सर्वे और डीडीटी छिड़काव कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि कोई भी घर जांच और दवा वितरण से वंचित न रहे।
इसके बाद संजीव सरदार हरिणा पंचायत के कोंदर गांव पहुंचे, जहां ब्रेन मलेरिया से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने मृत बच्चों के पिता महावीर सरदार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और आर्थिक सहायता दी।
मौके पर विधायक ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दौरे के दौरान विधायक ने कहा कि मलेरिया की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर डीडीटी छिड़काव और घर-घर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार की ओर से पिछले कई वर्षों से डीडीटी छिड़काव की व्यवस्था बंद रहने के कारण मच्छरों के नियंत्रण में कठिनाई आई है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल बड़े पैमाने पर छिड़काव अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।
संजीव सरदार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित गांवों में जांच, दवा वितरण, जागरूकता अभियान और निगरानी को और तेज किया जाए, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को जल्द से जल्द तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ हालात पर नजर रखे हुए है।