चुट्टूपालू घाटी का डीसी और एसपी ने किया निरीक्षण, हर 100 मीटर पर सुरक्षा इंतजाम का निर्देश

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रामगढ़, 03 जुलाई । रामगढ़-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर मौत की घाटी के नाम से प्रसिद्ध चुट्टूपालू घाटी में विशेष पहल से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों को अभियान चलाना होगा। साथ ही सड़क निर्माण के दौरान बरती गई तकनीकी खामियों को दूर कर ही जान माल की क्षति रोकी जा सकती है। यह बातें शुक्रवार को घाटी का निरीक्षण करने पहुंचे डीसी ऋतुराज ने कही। उन्होंने बताया कि हर 100 मीटर पर सुरक्षा के इंतजाम होंगे। 05 किलोमीटर लंबी घाटी में क्या काम कैसे होगा और किस तरह दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है इस पर पूरी रिपोर्ट एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौंपेंगे। इसके लिए एनएचएआई को तीन दिनों का समय दिया गया है। एसपी मुकेश कुमार लुनायत भी इस निरीक्षण में शामिल थे। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को सारी समस्या का समाधान बताने को कहा, ताकि पुलिस भी उनकी सहयोग कर सके।

डीसी और एसपी जब घाटी का निरीक्षण करने पहुंचे तब वहां कई कमियां नजर आई। घाटी में हाई स्पीड से चलने वाली गाड़ी को किस तरह कंट्रोल किया जाए, इसे लेकर एनएचएआई की ओर से कोई ठोस पहल अब तक नहीं दिखी। जिस तरह के स्पीड ब्रेकर सड़कों पर लगाए गए हैं, वह भारी वाहनों का ब्रेक खराब कर रहा है। इसकी वजह से वहां मौत का तांडव होता है। एनएचएआई के अधिकारियों को स्पीडोमीटर, रोड लाइट, मजबूत डिवाइड, स्पीड ब्रेकर, रोड ले-बाई का निर्माण, सड़क चौड़ीकरण के अलावा सुरक्षा के अन्य बिंदु पर काम करने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के दौरान एनएचएआई की ओर से किए गए कार्यों से एसपी मुकेश कुमार लुनायत संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने साफ शब्दों में हर समस्या का समाधान जानने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जितने भी संवेदनशील और ब्लैक स्पॉट हैं वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। रात में घाटी में पूरी रोशनी होनी चाहिए। इसके अलावा सड़क की तकनीकी खामी और उसके एलाइनमेंट पर ध्यान देने की जरूरत है। तभी घाटी में मौत का तांडव खत्म होगा।

निरीक्षण के दौरान डीसी और एसपी दोनों ही एनएचएआई के कार्यों से खासे नाराज दिखे। जिले के अधिकारी दुर्घटना रोकने के बिंदु पर पहल करने की बात कर रहे थे और एनएचएआई के अधिकारी सिर्फ शिकायत और कमियां ही गिनाते नजर आए। डीसी और एसपी ने स्पष्ट कर दिया की घाटी में दुर्घटना रोकने के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म में लगातार काम करना होगा। जिला प्रशासन के स्तर से होने वाले कार्य तत्काल होंगे और एनएचएआई को अपनी कमर कसनी होगी।

निरीक्षण के दौरान रामगढ़ एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, डीटीओ राजेश एक्का, डीएसपी हेडक्वार्टर अकरम राजा, यातायात थाना प्रभारी गजेंद्र पांडे, रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बिजय कुमार, प्रोजेक्ट हेड चेतन मालावारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।