गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव सुरजीत सिंह, सचिव हनुमान यादव ने राज्यपाल को अंगवस्त्र, प्रसाद व मोमेंटो देकर स्वागत किया। सुशांत मिश्र ने बताया कि मां गंगा की आरती से पूर्व ही राज्यपाल दशाश्वमेध घाट आ गए थे। लगभग् एक घंटे से भी ज्यादा समय तक वह घाट पर मौजूद रहे। वह काशी की इस अध्यात्मिक विरासत को समझने और महसूस करने के लिए जिज्ञासु रहे। इसके पहले राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन अपनी पत्नी के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस से वाराणसी आए। कड़ी सुरक्षा के बीच वे घाट पर गंगा आरती देखने आए।