दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री ने छह केंद्रीय मंत्रियों से की मुलाकात

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नई दिल्ली/जयपुर, 07 जुलाई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली दौरे के दौरान प्रदेश के विकास और केंद्र-राज्य समन्वय को नई गति देने के उद्देश्य से छह केंद्रीय मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। सोमवार देर रात से शुरू हुई बैठकों का सिलसिला मंगलवार तक जारी रहा, जिसमें ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि, खाद्य सुरक्षा, जल संसाधन, वित्त और सड़क अवसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने इन बैठकों में राजस्थान में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए विभिन्न योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन और भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्रियों ने भी राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर ग्रामीण विकास, रोजगार और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान में पहले दिन से ही पात्र श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों के समग्र विकास की दिशा में प्रभावी कार्य हुआ है।

उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित ग्राम विकास चौपालों को नवाचार बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गांवों में जाकर आमजन की समस्याएं सुन रहे हैं और उनका समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं, जो अनुकरणीय पहल है।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने तथा आधुनिक वेयरहाउस विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद में राजस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत समन्वय का परिणाम है।

इस दौरान प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल तथा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित करने जैसे विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्थान में ऊर्जा क्षेत्र को और मजबूत बनाने, शहरी विकास परियोजनाओं को गति देने तथा आमजन को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर चर्चा की। बैठक में प्रदेश में ई-बस सेवाओं के विस्तार, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार, आवास योजनाओं तथा शहरी अधोसंरचना विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्थान की विभिन्न जल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बैठक में जल जीवन मिशन, यमुना जल परियोजना, राम जल सेतु लिंक परियोजना सहित पेयजल और सिंचाई से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं के बीच जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर सकारात्मक एवं सार्थक संवाद हुआ।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। इस दौरान राजस्थान के आर्थिक विकास, विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग तथा केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश की विकास योजनाओं को गति देने और निवेश को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इससे पहले सोमवार देर रात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राजस्थान में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं और सड़क अधोसंरचना के विकास कार्यों की समीक्षा की। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति, समयबद्ध निर्माण और प्रदेश में बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को राजस्थान की आधारभूत संरचना, ऊर्जा, जल, कृषि, परिवहन और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लगातार हुई इन उच्चस्तरीय बैठकों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को तेज करने और आमजन तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।