डूंगरपुर, 11 जुलाई । राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत वन विभाग द्वारा संचालित वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी पात्र युवाओं को समान अवसर देने की मांग को लेकर चौरासी विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक अनिल कुमार कटारा ने आवाज बुलंद की है। इस संबंध में विधायक कटारा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र प्रेषित कर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा आवेदन की तिथि बढ़ाने का आग्रह किया है।
विधायक अनिल कटारा ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि वन विभाग द्वारा इस भर्ती के आदेश 07 जुलाई 2026 को रात 11:54 बजे जारी किए गए थे, जबकि पंजीयन एवं रिपोर्ट भिजवाने की अंतिम तिथि अगले ही दिन यानी 08 जुलाई 2026 की शाम तक निर्धारित कर दी गई। इतनी बेहद अल्प समयावधि मिलने के कारण विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के हजारों पात्र एवं इच्छुक बेरोजगार युवा आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रह गए। सूचना व संचार के सीमित साधनों और पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों तक जानकारी ही नहीं पहुंच पाई।
पत्र में विधायक ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस सीमित समयावधि के कारण केवल पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को ही इसका लाभ मिल सका है, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जनमानस में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा करवाई जाए, पर्याप्त समयावधि व व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ पुनः आवेदन आमंत्रित किए जाएं, तथा ग्राम पंचायत स्तर तक इसका प्रभावी प्रसार सुनिश्चित हो ताकि प्रदेश के प्रत्येक पात्र युवा, महिला और जरूरतमंद नागरिक को समान अवसर मिल सके। विधायक ने उम्मीद जताई है कि युवाओं और ग्रामीण समाज के हितों को देखते हुए मुख्यमंत्री व वन मंत्री इस विषय पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।