मंडी, 12 जुलाई । युवा प्रभाग आरईआरएफ एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय, मंडी के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय निःशुल्क का आयोजन किया जा रहा है। सद्भावना भवन, ब्रह्माकुमारीज़, भ्यूली मंडी में 12 से 14 जुलाई तक चलने वाले इस शिविर में 13 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर एवं युवा उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तेज़ी से बदलते परिवेश में युवाओं के सर्वांगीण विकास तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुरिंदर वैद्य, अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, मंडी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन के उपरांत सभी अतिथियों का स्वागत किया गया तथा शिविर के प्रथम सत्र का शुभारंभ हुआ। मंडी राजयोग सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी बीके शीला बहन ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन कौशल, नैतिक मूल्य, आत्मअनुशासन एवं आध्यात्मिक सशक्तता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तीन दिनों के इस शिविर से युवा नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ संस्कार और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा लेकर जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुरिंदर वैद्य ने कहा कि न्यायपालिका का अंतिम उद्देश्य समाज में शांति, न्याय एवं सौहार्द की स्थापना करना है। जबकि अध्यात्म का उद्देश्य मनुष्य के भीतर शांति, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि कानून की दृष्टि में सभी नागरिक समान हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने युवाओं से अनुशासित जीवन जीने, कानून का सम्मान करने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही गुण उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाएंगे तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि हार ही सबसे बड़ी शिक्षक होती है, जो हमें सीख देकर सफलता की ओर अग्रसर करती है।
शिविर के प्रथम दिवस में प्रतिभागियों के लिए परिचयात्मक एवं प्रेरणादायी सत्र आयोजित किए गए। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आत्मपरिचय, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, टीम भावना तथा संवाद कौशल को विकसित करने का अभ्यास कराया गया। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन की एकाग्रता, तनावमुक्त जीवन एवं आंतरिक शांति का अनुभव कराया गया। साथ ही मनोरंजक खेलों, समूह गतिविधियों एवं सहभागितापूर्ण अभ्यासों ने प्रतिभागियों में उत्साह का संचार किया। आगामी दो दिनों में विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण, भावनात्मक संतुलन, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की कला, तनाव प्रबंधन, प्रभावी संवाद कौशल, टीमवर्क, राजयोग मेडिटेशन तथा प्रेरणादायी प्रतियोगितियों पर आधारित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।