बरेली, 28 जुलाई । खाद्य उद्योगों में गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को लेकर मंगलवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) बरेली चैप्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त मंथन बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य उद्योग से जुड़े उद्यमियों और विभागीय अधिकारियों ने एफएसएसएआई के विभिन्न प्रावधानों, लाइसेंसिंग, लेबलिंग, सैंपलिंग और निरीक्षण प्रक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उद्योगों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक की अध्यक्षता आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन शेखर अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि खाद्य उद्योग देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने और उद्योगों की साख मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि आईआईए हमेशा उद्योगों और शासन-प्रशासन के बीच सेतु की भूमिका निभाता रहा है और भविष्य में भी उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहेगा।
बैठक में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) संदीप चौरसिया, डेजिग्नेटेड ऑफिसर राहुल सिंह और चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर अक्षय गोयल मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संयोजक एवं एमओसी राजीव आनंद ने किया। सहायक आयुक्त संदीप चौरसिया ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उद्योगों के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि विभाग नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम और संवाद के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को बढ़ावा दे रहा है।
डेजिग्नेटेड ऑफिसर राहुल सिंह ने एफएसएसएआई के प्रावधानों, लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रक्रिया, नवीनीकरण और विभागीय कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों से नियामकीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वहीं, चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर अक्षय गोयल ने खाद्य नमूनों की जांच प्रक्रिया, निरीक्षण व्यवस्था और अनुपालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी साझा की।
बैठक में उद्यमियों ने खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण, नवीनीकरण प्रक्रिया, उत्पादों की लेबलिंग, पैकेजिंग मानक, गुणवत्ता नियंत्रण, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, निरीक्षण प्रक्रिया और नियामकीय अनुपालन से संबंधित कई सवाल उठाए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल पर आने वाली तकनीकी समस्याओं, लाइसेंस नवीनीकरण में समय-सीमा और निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को भी अधिकारियों के सामने रखा। विभागीय अधिकारियों ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार कर यथासंभव त्वरित समाधान कराया जाएगा।
बैठक के दौरान बीएल एग्रो के चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि आम लोगों में सेफ फूड और सब-स्टैंडर्ड फूड के बीच अंतर को लेकर पर्याप्त जागरूकता नहीं है। अधिकांश उपभोक्ता दोनों श्रेणियों में अंतर नहीं समझ पाते, जिससे उद्योगों के प्रति अनावश्यक भ्रम और नकारात्मक धारणा बन जाती है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से इस विषय पर व्यापक जनजागरूकता अभियान और सेमिनार आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को लाभ मिल सके।
अंत में आईआईए बरेली चैप्टर के सचिव धनंजय विक्रम सिंह ने अधिकारियों, अतिथियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मंथन बैठकें उद्योग और विभाग के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत करती हैं। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
बैठक में राष्ट्रीय सचिव मयूर धीरवानी, कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता, सतीश अग्रवाल, घनश्याम खंडेलवाल, मनोज पंजाबी, संदीप हरि, तनुज भसीन, राकेश धीरवानी, शंकर अग्रवाल, तुषार गोयल, अंकित गोयल, सुनीत मूना, दिलीप खंडेलवाल, विभोर गोयल, अंकित बंसल, अनुज मेहरोत्रा, अशोक मित्तल समेत करीब 40 उद्यमियों ने भाग लिया।