करोड़ों के सौंदर्यीकरण पर गंदगी का ग्रहण, रेलवे का नवनिर्मित ऑटो स्टैंड बना कचरा और शराबखोरी का अड्डा

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रायगढ़, 28 जुलाई । एक ओर भारतीय रेलवे द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर रायगढ़ रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक सौंदर्यीकरण से सुसज्जित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्टेशन परिसर में हाल ही में विकसित किया गया नवनिर्मित ऑटो स्टैंड अपनी बदहाली के कारण पूरे प्रयासों पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

नागरिकों का कहना है कि नवनिर्मित ऑटो स्टैंड के भीतर और आसपास फैली गंदगी, डिस्पोजल गिलास, प्लास्टिक कचरा, शराब की खाली बोतलें और अन्य अपशिष्ट रेलवे प्रशासन के सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।

इसे प्रबंधन की लापरवाही कहे या वहां मौजूद लोगों की मनमानी जिसकी वजह से ऑटो स्टैंड के अंदर बड़ी मात्रा में कचरा जमा है। बारिश के कारण वहां जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। कई स्थानों पर शराब की खाली बोतलें और डिस्पोजल गिलास पड़े हुए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि रात के समय यह स्थान शराबखोरी का अड्डा बनता जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटो स्टैंड में कई बार किराए और सवारी को लेकर ऑटो चालकों एवं यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित होती है। यदि ऐसे माहौल में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी बनी रही तो कानून-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

रायगढ़ रेलवे स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री विभिन्न ट्रेनों से आवागमन करते हैं। स्टेशन के बाहर स्थित ऑटो स्टैंड यात्रियों के लिए पहली सुविधा माना जाता है, लेकिन यहां की अव्यवस्था यात्रियों पर गलत प्रभाव छोड़ रही है। बाहर से आने वाले यात्रियों को स्टेशन से निकलते ही गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।

लोगो की माने तो ऑटो स्टैंड के आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी लगा रहता है। शराबखोरी की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ऑटो स्टैंड की नियमित सफाई नहीं हो रही है। यदि समय पर कचरा उठाया जाए और परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तो इस तरह की स्थिति से आसानी से बचा जा सकता है। वहीं रेलवे सुरक्षा बल एवं संबंधित विभाग द्वारा नियमित निगरानी और गश्त बढ़ाने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है।