झुंझुनू पोक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपित को सुनाई बीस साल की सजा

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झुंझुनू, 29 जुलाई । राजस्थान के झुंझुनू स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने एक साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाया है। जज इसरार खोखर की अदालत ने मुख्य आरोपित रिहान खान को 20 साल का कठोर कारावास और अलग—अलग धाराओं में 1 लाख रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपिताें रिजवान और मोहम्मद सम्मी को कोर्ट ने बरी कर दिया।

मामले की पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपित रिहान खान पीड़िता से पिछले कई महीनों से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में था। दोनों के बीच महज छह महीनों में 226 घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई थी। पीड़िता नाबालिग होने के कारण रिहान की मीठी बातों और झांसे में आ गई और उस पर अंधा विश्वास करने लगी। सात जुलाई 2025 को जब पीड़िता मुकुंदगढ़ कस्बे में कॉलेज में परीक्षा का फॉर्म भरने आई थी। तो आरोपित रिहान ने उसी विश्वास का फायदा उठाया। वह उसे एक गाड़ी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस पूरी घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब मौके से गुजर रहे राकेश नामक एक राहगीर की नजर गाड़ी पर पड़ी। राकेश ने हिम्मत दिखाते हुए अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया और विरोध दर्ज कराया। हालांकि इस दौरान रिहान के साथी रिजवान और मोहम्मद सम्मी मौके पर पहुंचे और राकेश से झगड़ा कर गाड़ी लेकर फरार हो गए। लेकिन राहगीर राकेश के बनाए वीडियो ने आरोपित की करतूत को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने अपनी मां को आपबीती बताई। जिसके बाद 8 जुलाई 2025 को मुकुंदगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया गया।

पोक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र भांबू की पैरवी इस मामले में सबसे निर्णायक रही। उन्होंने अदालत के सामने राहगीर द्वारा बनाया गया वीडियो, 226 घंटे की कॉल डिटेल और फॉरेंसिक जांच में गाड़ी की पिछली सीट से मिले पीड़िता के सिर के बालों जैसे मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए। 29 गवाहों के बयानों और 93 साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रिहान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। मामले में अदालत द्वारा बलारां निवासी रिजवान और मोहम्मद सम्मी को बरी किए जाने के फैसले पर पीड़िता के परिजनों ने असंतोष जताया है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे। परिजनों के अनुसार, मोहम्मद सम्मी की इस पूरी वारदात में सीधी मिलीभगत थी। उसने मुख्य आरोपित के साथ मिलकर प्लान बनाया था और वारदात के समय मौके पर साथ मौजूद था।