ग्लासगो, 01 अगस्त । भारत के मुक्केबाज जदुमणि सिंह मांडेंगबाम ने राष्ट्रमंडल खेल में शनिवार को पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के जाय डिक्सन के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज जदुमणि ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की लेकिन लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज डिक्सन ने सटीक सीधे जैब और प्रभावी काउंटर पंचों के दम पर बढ़त बनाई। पहले राउंड में जदुमणि ने कड़ी टक्कर दी और तीन जजों ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे मुकाबला रोमांचक बना रहा।
दूसरे राउंड में डिक्सन ने शानदार वापसी की। उन्होंने बेहतरीन फुटवर्क और रक्षात्मक रणनीति के साथ जदुमणि के हमलों को विफल किया और लगातार सटीक पंच लगाते हुए सभी पांच जजों का समर्थन हासिल कर लिया। इस राउंड के बाद मुकाबले की बढ़त ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज के पक्ष में चली गई।
निर्णायक तीसरे राउंड में जदुमणि ने आक्रामक रुख अपनाया और कई प्रभावी राइट क्रॉस तथा जैब लगाए। हालांकि, डिक्सन ने संयम बनाए रखा और सही समय पर जवाबी हमले करते हुए निर्णायक बढ़त कायम रखी।
अंतिम क्षणों में जदुमणि ने वापसी की भरपूर कोशिश की लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने मुकाबले पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ी।
अंत में जाय डिक्सन ने सभी पांच जजों के स्कोरकार्ड अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया, जबकि जदुमणि सिंह मांडेंगबाम ने शानदार अभियान के साथ भारत के लिए रजत पदक हासिल किया। भारत के लिए यह मुक्केबाजी प्रतियोगिता में एक और महत्वपूर्ण सफलता रही क्योंकि इससे पहले प्रीति पवार और जैसमीन ने भी मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था।