नई टिहरी, 02 अगस्त (हि. स.)। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने रविवार को निर्माणाधीन सौंग बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और पुनर्वास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि परियोजना से पूर्ण रूप से प्रभावित गांवों के पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं और प्रभावित परिवारों को प्रतिकर और पुनर्वास का लाभ देने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने जौनपुर ब्लॉक के सौंदणा, रगड़ और घुड़साल गांवों का भ्रमण किया। अधिकारियों के अनुसार परियोजना से 10.560 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है। इसमें 30 खातेदारों के 76 परिवार पूर्ण तथा 107 खातेदारों के 268 परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हैं। इसके अलावा 61 आवासीय भवन और 33 गौशालाएं भी परियोजना की जद में आ रही हैं।
एडीएम ने बताया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा-19 के तहत प्रभावित परिवारों को प्रतिकर वितरण और पुनर्वास की कार्रवाई की जा रही है। परियोजना अधिकारियों ने बताया कि मालदेवता से बांध स्थल तक 10.50 किलोमीटर लंबे एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि डैम टॉप के दोनों ओर 2.50-2.50 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने पुलिस चौकी कुमाल्डा का निरीक्षण कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने व किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और परियोजना में कार्यरत श्रमिकों के सत्यापन के निर्देश भी दिए। करीब 2100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली इस परियोजना में 133 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान डीजीएम प्रताप सिंह बिष्ट, परियोजना प्रबंधक सुधीर सैनी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।