अयोध्या, 18 अगस्त । भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित संस्कृति बोध अभियान का भव्य उद्घाटन समारोह शिवदयाल जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, तुलसीनगर में मंगलवार को संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक डा.पवन कुमार तिवारी ने भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन-मूल्यों के संरक्षण तथा नई पीढ़ी तक उनके प्रभावी संप्रेषण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी राष्ट्र की पहचान एवं उसकी जीवनशक्ति होती है। संस्कृति बोध अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, महापुरुषों के जीवन-आदर्शों तथा राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्या भारती के प्रांतीय पूर्णकालिक उत्तम कुमार मिश्र ने कहा कि हमारी यह दृढ़ मान्यता है कि यदि हमारे छात्रों को आधुनिक ज्ञान विज्ञान के साथ–साथ अपने महान संस्कृति,गौरवपूर्ण इतिहास, महापुरुषों के जीवन चरित्र तथा श्रेष्ठ राष्ट्रीय परंपराओं का परिचय कराया जाए तो आज के निराशापूर्ण वातावरण में भी आशा की किरण उत्पन्न होकर विद्यार्थी जगत में अपेक्षित परिवर्तन दिखाई देगा। इसी निमित्त विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के द्वारा संस्कृति बोध अभियान के माध्यम से संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
कार्यक्रम के अध्यक्षता साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने करते हुए कहा कि विश्व में प्रत्येक देश अपनी संस्कृति परंपराओं, जीवन–मूल्य, ज्ञान विज्ञान एवं महापुरुषों के अनुभवों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भावी पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से सौंपने का प्रयास करता है। भारत की महान आध्यात्मिक संस्कृति, श्रेष्ठ परंपराएं, जीवन मूल्य,महापुरुषों के आदर्श जीवन चरित्र तथा यहां का ज्ञान–विज्ञान इस देश की ही नहीं ,विश्व की अमूल्य निधि है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा कार्यक्रम के संयोजक अवनि कुमार शुक्ल ने कहा कि अपने राष्ट्रीय निधि, जीवन मूल्य से भावी पीढ़ी को अवगत कराना विद्या भारती का मुख्य उद्देश्य है। श्री शुक्ल ने कहा कि विगत 16अगस्त से आगामी 05 सितंबर तक संस्कृति बोध अभियान के साथ जनपद के प्रत्येक विद्यालय, गुरुकुल तक जाकर विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपने आचार्य बंधुओं, प्रबंध समिति, पूर्व छात्र , मातृ भारती के द्वारा जोड़ा जाएगा। प्रबंधक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने इस अभियान से सभी को जोड़ने का आह्वान किया।
प्रमुख रूप से कथा व्यास महंत रामशरण रामायणी, गोकरण द्विवेदी,डॉ. रामकृष्ण मिश्रा, जितेंद्र राव,प्रो. लक्ष्मीकांत सिंह, रामेंद्र मोहन मिश्रा, दीप शेखर श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, अजय मिश्र,सदाशिव तिवारी,निधि सिंह, डॉ अजय मोहन श्रीवास्तव, राज नारायण सिंह, जिलाजीत तिवारी,रविंद्र गुप्ता, संजय वैदिक, दिव्या शुक्ला सहित 184 अभिभावक, पूर्व छात्र,आचार्य तथा समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।