जिले के नाथनगर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीण विकास और जन समस्याओं के त्वरित निष्पादन की एक बड़ी झलक देखने को मिली।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव शामिल हुए। इस दौरान जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए करोड़ों रुपये के ऋण और परियोजना निधि का वितरण किया गया।
शिविर में जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों द्वारा कुल 288 जीविका स्वयं सहायता समूहों के 422 सदस्यों के बीच 4 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया।
यह राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में विभिन्न बैंकों द्वारा प्रदत्त ऋण और परियोजना निधि के रूप में उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस राशि का सदुपयोग कर स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाएं। प्रशासन की ओर से शिविर का आयोजन दो अलग-अलग जगहों पर किया गया। ग्राम पंचायत नूरपुर मध्य विद्यालय में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक शिविर चला।
यहां विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 8 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं ग्राम पंचायत निस्फअम्बे के पंचायत भवन में दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक शिविर का आयोजन हुआ। यहाँ ग्रामीणों से कुल 30 आवेदन मिले। ग्रामीणों की समस्याओं के ऑन-द-स्पॉट निवारण के लिए शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के काउंटर लगाए गए थे। इसमें अंचल, बाल विकास परियोजना, स्वास्थ्य, पंचायती राज, शिक्षा, आपूर्ति, सहकारिता, कल्याण, कृषि, उद्यान, पशुपालन, विद्युत, पीएचईडी, जीविका, श्रम और पुलिस विभाग से जुड़े पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दें और आवेदन प्रक्रिया में उनका पूरा सहयोग करें।प्रशासन के अनुसार, इस सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक पहुंचाना है।