दिल्ली में मौसमी बीमारियों से निपटने को स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह तैयार: पंकज कुमार सिंह

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नई दिल्ली, 21 अगस्त । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली में मौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने की तैयारियों को लेकर अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने राजधानी में इन्फ्लूएंजा, डेंगू और मलेरिया की स्थिति तथा अस्पतालों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह तैयार है और अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों तथा जरूरी मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है। सरकार का फोकस बीमारियों की समय पर पहचान, त्वरित उपचार और अस्पतालों में पर्याप्त क्षमता बनाए रखने पर है।

बैठक में मौसमी इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। वर्ष 2026 में अब तक दिल्ली में इन्फ्लूएंजा-ए के कुल 2392 मामले सामने आए हैं। इनमें एच1एन1 के 1777, एच1 के 37, एच3 के 138 और अन्य श्रेणी के 440 मामले शामिल हैं।

दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के जरिए स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल पर आईएलआई, एसएआरआई और इन्फ्लूएंजा के मामलों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला अधिकारियों और अस्पतालों को स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग, मरीजों के वर्गीकरण, उपचार, वेंटिलेटर मैनेजमेंट, मास्क के इस्तेमाल और होम केयर को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्यकर्मियों को लक्षणों की पहचान और मरीजों के फॉलो-अप प्रोटोकॉल के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, शिक्षा विभाग, डीडीए समेत संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जन-जागरूकता और आईईसी गतिविधियां तेज की जा रही हैं।

दिल्ली में अब तक डेंगू के 246 मामले सामने आए हैं, जबकि मलेरिया के 80 और चिकनगुनिया के 19 मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन तीनों बीमारियों से अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

वेक्टर कंट्रोल अभियान के तहत स्थानीय निकायों ने 2.38 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया है। करीब 3.20 लाख घरों में स्प्रे किया गया, जबकि 91,217 ऐसे घरों की पहचान हुई जहां मच्छर पाए गए। अभियान के दौरान 74,591 नोटिस जारी किए गए और 6,724 मामले दर्ज किए गए हैं।

राजधानी में मौसमी बीमारियों की निगरानी के लिए 35 सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों के साथ एआईआईएमएस और एनसीडीसी में दो एपेक्स रेफरल लैबोरेटरी तथा एमएएमसी में एक मलेरिया रेफरेंस लैबोरेटरी काम कर रही हैं। अस्पतालों को पर्याप्त डायग्नोस्टिक किट, दवाइयां, फ्लूइड, ब्लड प्रोडक्ट्स और बेड उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जन-स्वास्थ्य की तैयारियां लगातार चलने वाली प्रक्रिया हैं। सरकार मरीजों की संख्या पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत के मुताबिक अस्पतालों की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने दिल्लीवासियों से सांस संबंधी स्वच्छता का पालन करने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के अधिक संपर्क से बचने की अपील की। उन्होंने लोगों से बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने को भी कहा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दिल्ली को हर जरूरी सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक मरीज को समय पर बीमारी की पहचान, सही उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हों। उन्होंने नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की।